धानापुर शहादत दिवस: राजनेताओं ने शहीदों को किया नमन, इसलिए सपा नेता नहीं हुए शामिल
धानापुर स्थित शहीद पार्क में शहादत दिवस पर 1942 के स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस, भाजपा और सपा के कई दिग्गज नेता पहुंचे, लेकिन सपा नेताओं की मंच से दूरी और प्रतिमा विवाद चर्चा का विषय बना रहा।
धानापुर शहीद पार्क में शहादत दिवस
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पहुंचे
सपा सांसद ने लगाए गंभीर आरोप
मंच साझा न करने पर चर्चा
सभी शहीदों की प्रतिमाओं का मुद्दा
चंदौली जिले के धानापुर कस्बा स्थित शहीद पार्क में रविवार को 1942 के ऐतिहासिक धानापुर कांड में शहीद हुए वीरों की स्मृति में शहादत दिवस मनाया गया। इस मौके पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और क्षेत्रीय नागरिकों ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर स्वतंत्रता सेनानियों के अमर बलिदान को याद किया।

अजय राय बोले- आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचे बलिदान
श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुँचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि धानापुर की पावन धरती के रणबांकुरों ने भारत की आजादी की लड़ाई में अविस्मरणीय योगदान दिया था। ऐसे वीर सेनानियों को याद कर उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित करना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है। उनके इस त्याग और संघर्ष की गाथा को आने वाली युवा पीढ़ियों तक पहुँचाना बेहद जरूरी है।

सांसद वीरेंद्र सिंह ने प्रतिमाओं को लेकर उठाए सवाल
वहीं दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह ने शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मंच साझा करने से परहेज किया। सांसद ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के कई वीरों ने देश के लिए अपनी जान दी थी, लेकिन भाजपा विधायक की वजह से केवल तीन शहीदों की प्रतिमाएँ ही स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि सांसद निधि से 20 लाख रुपये स्वीकृत होने के बावजूद सत्ता पक्ष अन्य प्रतिमाएँ नहीं लगने दे रहा है। सपा सरकार आने पर सभी प्रतिमाएँ लगेंगी।

मंच की दूरी बनी दिनभर चर्चा का विषय
सांसद के साथ-साथ सकलडीहा विधायक प्रभुनारायण यादव और पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने भी शहीदों को नमन किया, लेकिन श्रद्धांजलि सभा के मंच पर शामिल नहीं हुए। शहादत दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर विभिन्न दलों के प्रमुख नेताओं की मौजूदगी के बावजूद मंच से बनाई गई इस राजनीतिक दूरी ने क्षेत्र के लोगों और राजनीतिक गलियारों में भारी चर्चा छेड़ दी।
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