रामपुर दिया गांव के लेखपाल रामकेश यादव नशे की हालत में करते हैं ड्यूटी, शराब पीकर गांव में किया हंगामा
नशे में धुत लेखपाल का वीडियो वायरल
नशे की हालत में ग्रामीणों से मारपीट का आरोप
जांच के बाद लेखपाल पर गिरेगी गाज
चंदौली जनपद के सकलडीहा तहसील के रामपुर दिया गांव के लेखपाल रामकेश यादव एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वे नशे की हालत में गांव पहुंचे और लोगों से मारपीट की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें लेखपाल खुलेआम लड़खड़ाते हुए ग्रामीणों से उलझते नजर आ रहे हैं। मामले ने तूल पकड़ते ही प्रशासन हरकत में आ गया है और जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
आईजीआरएस शिकायत पर मचा बवाल
मामला उस समय गरमा गया जब गांव के एक पीड़ित ने लेखपाल के खिलाफ आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर लेखपाल नशे में धुत होकर गांव पहुंचे और शिकायतकर्ता समेत कई ग्रामीणों से उलझ गए। वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि वे नशे की हालत में खुद को संभाल भी नहीं पा रहे और बार-बार लड़खड़ाकर गिरते पड़ते ग्रामीणों से विवाद कर रहे हैं।

धानापुर पुलिस ने की गिरफ्तारी
घटना के बाद हालात और बिगड़ गए, जब लेखपाल ने धानापुर थाना अध्यक्ष से सरकारी कार्य में बाधा डालने की शिकायत कर दी। इसके आधार पर धानापुर पुलिस ने गांव के दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि असल दोषी लेखपाल हैं, लेकिन पुलिस ने उल्टा पीड़ित पक्ष पर ही कार्रवाई कर दी।
एसडीएम ने तहसीलदार को सौंपी जांच
ग्रामीणों की शिकायत पर सकलडीहा के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) कुंदन राज कपूर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए पूरे मामले की जांच का आदेश दिया है। उन्होंने तहसीलदार सकलडीहा को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने पर लेखपाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वायरल वीडियो से बढ़ी मुश्किलें
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में लेखपाल रामकेश यादव शराब के नशे में ग्रामीणों से बदसलूकी करते, उन्हें धक्का देते और अपशब्द कहते नजर आ रहे हैं। कई बार ग्रामीण उन्हें समझाने और हटाने की कोशिश करते हैं, लेकिन वे बार-बार झगड़ा करने के लिए आगे बढ़ जाते हैं। वीडियो में उनकी हालत इतनी खराब दिख रही है कि वे ठीक से खड़े भी नहीं रह पा रहे हैं।
ग्रामीणों की नाराजगी और प्रशासन की सख्ती की उम्मीद
गांव के लोगों का कहना है कि लेखपाल का यह पहला विवाद नहीं है। पहले भी उनके खिलाफ लापरवाही और बदसलूकी की शिकायतें होती रही हैं, लेकिन कार्रवाई न होने से उनका हौसला बढ़ता गया। ग्रामीणों ने मांग की है कि ऐसे कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया जाए, ताकि सरकारी कामकाज की गरिमा बनी रहे और जनता को न्याय मिल सके।
जांच पूरी होने के बाद प्रशासन की ओर से कठोर कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी सेवा में रहते हुए नशा करना और जनता से अभद्र व्यवहार करना गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है, और दोषी पाए जाने पर लेखपाल को निलंबन से लेकर बर्खास्तगी तक का सामना करना पड़ सकता है।
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