अमादपुर में गूंजेंगे लोकगीत के सुर, मशहूर लोकगायक मंगल यादव 10 दिनों तक युवाओं को सिखाएंगे संगीत की बारीकियां
चंदौली के अमादपुर में 10 दिवसीय लोकगीत कार्यशाला का शानदार आगाज हुआ है। मशहूर लोकगायक मंगल यादव युवाओं और छात्रों को हमारी पारंपरिक गायन शैली और समृद्ध लोक संस्कृति का पाठ पढ़ाएंगे। पूरी खबर यहाँ पढ़ें।
10 दिवसीय लोकगीत कार्यशाला शुरू
लोकगायक मंगल यादव बने प्रशिक्षक
लोक संस्कृति को बचाने की पहल
23 जुलाई तक चलेगी कार्यशाला
चंदौली जिले के अमादपुर में संगीत और संस्कृति प्रेमियों के लिए एक बेहद शानदार खबर है। यहाँ के हरदेव इंटर कॉलेज में संस्कृति विभाग के उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान (लखनऊ) के सहयोग से 'सृजन' कार्यक्रम के तहत 10 दिवसीय लोकगीत कार्यशाला का मंगलवार से आगाज हो गया है। इस खास आयोजन का मकसद हमारी पुरानी लोक संस्कृति को जिंदा रखना है।
23 जुलाई तक चलेगी सुरों की पाठशाला
यह कार्यशाला 14 जुलाई से शुरू होकर आगामी 23 जुलाई 2026 तक लगातार चलेगी। हरदेव इंटर कॉलेज में प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से इस ट्रेनिंग क्लास का आयोजन किया जाएगा। इसमें इलाके के युवाओं, स्कूल के छात्र-छात्राओं और लोककला से लगाव रखने वाले लोगों को पारंपरिक लोकगीतों की अलग-अलग विधाओं और गायन शैलियों की बारीकियां सिखाई जा रही हैं।
मशहूर लोकगायक मंगल यादव दे रहे हैं ट्रेनिंग
इस कार्यशाला में सबसे खास बात यह है कि प्रतिभागियों को सिखाने की जिम्मेदारी क्षेत्र के जाने-माने और प्रसिद्ध लोकगायक मंगल यादव ने संभाली है। वे बतौर प्रशिक्षक कार्यशाला में आए युवाओं को लोकसंगीत सिखा रहे हैं। साथ ही, वे नई पीढ़ी को भारतीय लोक परंपराओं को बचाने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं।
नई पीढ़ी को विरासत सौंपने की अनोखी कोशिश
कार्यशाला के आयोजकों ने क्षेत्र के ज्यादा से ज्यादा युवाओं से इस सुनहरे मौके का फायदा उठाने और इसमें शामिल होने की अपील की है। जानकारों का मानना है कि आज के दौर में जब लोग अपनी संस्कृति भूल रहे हैं, तब लोककला को बचाने, संवारने और नई पीढ़ी तक हमारी समृद्ध विरासत को पहुंचाने की दिशा में यह एक बेहद जरूरी और सराहनीय कदम है।
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