एक और मुर्दे को जिंदा करके ले आए अंजनी सिंह, कागजों में मरे रविशंकर की दास्तान सुन लीजिए आप
कागजों में फिर 'जिंदा मुर्दा' मिला
पांच साल से राशन को भटक रहा पीड़ित
भ्रष्ट अधिकारियों को अंजनी सिंह की चेतावनी
हाईकोर्ट जाने और कानूनी कार्रवाई की तैयारी
चंदौली जिले से एक बार फिर चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक हंसता-खेलता और बोलता-चालता इंसान सरकारी फाइलों में 'मुर्दा' दर्ज है। धानापुर क्षेत्र के खड़ान गांव निवासी रविशंकर विश्वकर्मा पिछले पांच सालों से खुद के जिंदा होने का सबूत लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। इस पूरे मामले को जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह ने उजागर करते हुए जिले के अधिकारियों और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर खींचा है।
राशन कार्ड बनवाने गए तो पता चला—'आप तो मर चुके हैं'
पीड़ित रविशंकर के परिवार में पहले उनकी बहन राशन कार्ड की मुखिया थी। शादी के बाद परिजनों ने उसका नाम हटवाकर रविशंकर की पत्नी का नाम जुड़वा दिया। कुछ तकनीकी कारणों और दो जगह नाम होने की वजह से जब लगभग पांच साल बाद नया कार्ड जारी हुआ, तो उसमें रविशंकर का नाम गायब था। जब उन्होंने नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया, तो विभागीय रिकॉर्ड में उन्हें 'मृत' दिखाया गया। तब से रविशंकर सरकारी राशन और अन्य सुविधाओं से वंचित होकर दर-दर भटक रहे हैं।

जिंदा लोगों को मारना बंद करें अधिकारी: अंजनी सिंह
इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह ने प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि चंदौली के सरकारी दफ्तरों में जिंदा लोगों को कागजों पर मार देने का यह घिनौना खेल तुरंत बंद होना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि जिले के सभी विभागों में ऐसे सभी मामलों की जांच कराई जाए और जितने भी जीवित लोग कागजों में मृत दर्ज हैं, उनके रिकॉर्ड तुरंत सुधारे जाएं।
हाईकोर्ट जाने और सख्त कानूनी लड़ाई की चेतावनी
अंजनी सिंह ने ऐलान किया कि अगर जिले के किसी भी गांव या ब्लॉक से ऐसी शिकायतें उनके पास आती हैं, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा, "किसी जिंदा इंसान को कागजों में मार देना उसके व्यक्तिगत और पारिवारिक शोषण के समान है। मैं अपनी पेंशन के पैसों से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करूंगा और दोषी अधिकारियों को सजा दिलवाकर रहूंगा।" उन्होंने चंदौली की जनता से भी अपील की कि यदि किसी अन्य व्यक्ति को भी फर्जी तरीके से मृत घोषित किया गया है, तो वे निसंकोच उनसे संपर्क करें।
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