चंदौली के रविंद्र प्रताप सिंह ने वॉलीबॉल नेशनल चैंपियनशिप में जीता गोल्ड, सकरारी गांव में मनाया गया जश्न
चंदौली के सकरारी गांव के रविंद्र प्रताप सिंह ने वाराणसी में आयोजित 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में सेंट्रल रेलवे का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक जीता है। अर्जेंटीना में वर्ल्ड चैंपियनशिप खेल चुके रविंद्र की इस जीत से पूरे जनपद में हर्ष का माहौल है।
रविंद्र प्रताप सिंह ने जीता नेशनल गोल्ड मेडल
वाराणसी के सिगरा स्टेडियम में हुआ भव्य आयोजन
वर्ल्ड चैंपियनशिप अर्जेंटीना का हिस्सा रहे रविंद्र प्रताप
सेंट्रल रेलवे बोर्ड की टीम का किया शानदार नेतृत्व
पैतृक गांव सकरारी में हुआ खिलाड़ी का भव्य स्वागत
चंदौली जिले के धानापुर विकास खंड के छोटे से गांव सकरारी के रहने वाले रविंद्र प्रताप सिंह ने खेल की दुनिया में जनपद का गौरव बढ़ाया है। वाराणसी में आयोजित 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में रविंद्र प्रताप सिंह ने सेंट्रल रेलवे बोर्ड की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उनकी इस उपलब्धि पर पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।

वाराणसी में 41 साल बाद सजा खेलों का महाकुंभ
यह प्रतिष्ठित चैंपियनशिप वाराणसी के डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा में 4 जनवरी से 11 जनवरी 2026 तक आयोजित की गई थी। भारतीय वॉलीबॉल महासंघ (VFI) के सहयोग से आयोजित इस राष्ट्रीय खेल महोत्सव में देशभर से करीब 1500 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 150 अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी शामिल थे। खास बात यह है कि पूर्वांचल को 1985 के बाद पहली बार सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप की मेजबानी मिली थी, जिसने इस आयोजन को और भी ऐतिहासिक बना दिया।
अंतरराष्ट्रीय फलक पर चमक चुके हैं रविंद्र
रविंद्र प्रताप सिंह का खेल करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने बताया कि वह साल 2018 से लगातार वॉलीबॉल खेल रहे हैं। 2023 और 2024 में 'खेलो इंडिया' के तहत नेशनल नाइन में शानदार प्रदर्शन करने के साथ ही वह 2023 में अर्जेंटीना में आयोजित 'बॉयज अंडर 19 वर्ल्ड चैंपियनशिप' में भारतीय टीम के सदस्य भी रहे। उनके शानदार रिकॉर्ड को देखते हुए 29 दिसंबर 2025 को उनका चयन रेलवे स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड में हुआ, जहाँ उन्होंने पहले ही बड़े टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल हासिल किया।
पैतृक गांव में हुआ भव्य अभिनंदन
स्वर्ण पदक जीतने के बाद जब रविंद्र प्रताप सिंह अपने पैतृक गांव सकरारी पहुंचे, तो ग्रामीणों का उत्साह देखने लायक था। गांव की सीमाओं पर ही युवाओं और बुजुर्गों ने फूल-मालाओं के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। ग्रामीणों ने उन्हें कंधों पर उठाकर जुलूस निकाला और माल्यार्पण कर सम्मानित किया। रविंद्र ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और कठिन परिश्रम को दिया है। उनकी यह जीत चंदौली के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*






