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भाजपा नेताओं को गाली देकर फंस गए यादवजी, वायरल वीडियो के बाद हो गए गिरफ्तार

सकलडीहा में एक इंटरव्यू के दौरान भाजपा पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले शख्स को पुलिस ने सलाखों के पीछे भेज दिया है। 'बनियों की सरकार' जैसे विवादित शब्दों का इस्तेमाल करने वाले आरोपी की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है।

 

भाजपा के वरिष्ठ नेता पर व्यक्तिगत अभद्र टिप्पणी

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने पर मची खलबली

सकलडीहा पुलिस ने आरोपी को भेजा जिला जेल

सपा कार्यकर्ता होने का दावा कर रहा था आरोपी

धारा 151 के बजाय मिली न्यायिक हिरासत


चंदौली जनपद अंतर्गत सकलडीहा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी के बीच एक बड़ी कानूनी कार्रवाई सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक वरिष्ठ नेता के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और राजनीतिक खेमों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था इंटरव्यू
जानकारी के अनुसार, आरोपी की पहचान भगवान दास यादव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि एक इंटरव्यू के दौरान भगवान दास यादव ने खुद को समाजवादी पार्टी का कार्यकर्ता बताते हुए भाजपा और उसके नेतृत्व के खिलाफ बेहद अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया था। आरोपी ने इंटरव्यू में "बनियों की सरकार" जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए तेली, टेनी और अन्य आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया। यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हुआ, देखते ही देखते वायरल हो गया।

भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश
वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में भारी नाराजगी फैल गई। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि लोकतंत्र में वैचारिक विरोध की जगह है, लेकिन व्यक्तिगत अपमान और जातिसूचक या अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल स्वीकार्य नहीं है। भाजपा नेताओं ने पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद सकलडीहा पुलिस सक्रिय हुई।

न्यायालय ने भेजा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सकलडीहा पुलिस ने वीडियो साक्ष्यों की जांच की और आरोपी भगवान दास यादव को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया। चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी को शांति भंग की धारा 151 के तहत मौके पर राहत नहीं मिली और न्यायालय ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज दिया।

पुलिस का सख्त संदेश
इस संबंध में सकलडीहा थाना अध्यक्ष भूपेंद्र निषाद ने बताया कि किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली टिप्पणी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत अपमान या अमर्यादित भाषा का प्रयोग करना कानूनन गलत है। पुलिस ऐसे हर मामले में निष्पक्ष और कड़ी कार्रवाई करेगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। फिलहाल, आरोपी जेल में है और पुलिस मामले की अन्य कड़ियों की जांच कर रही है।

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