सकलडीहा में आग का तांडव, 5 एकड़ गेहूं की फसल राख, SDM ने दिया मुआवजे का भरोसा
चंदौली के सकलडीहा में अज्ञात कारणों से लगी आग ने आधा दर्जन से अधिक किसानों की खुशियां छीन लीं। पांच एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर त्वरित राहत और सरकारी मुआवजे का आश्वासन दिया है।
सकलडीहा के दो गांवों में भीषण आगजनी
5 एकड़ से अधिक गेहूं की फसल नष्ट
दमकल से पहले ग्रामीणों ने बुझाई आग
एसडीएम कुंदन राज कपूर द्वारा मौका मुआयना
मंडी समिति के माध्यम से मिलेगा मुआवजा
चंदौली जनपद के सकलडीहा तहसील अंतर्गत टेकापुर और बहरवानी गांव में सोमवार को अज्ञात कारणों से लगी भीषण आग ने भारी तबाही मचाई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब पांच एकड़ से अधिक गेहूं की खड़ी फसल को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दूर-दूर से धुएं का गुबार दिखाई दे रहा था। इस अग्निकांड में आधा दर्जन से अधिक किसानों की साल भर की मेहनत चंद मिनटों में राख में तब्दील हो गई।
ग्रामीणों की एकजुटता ने टाला बड़ा हादसा
आग लगने के बाद जब तक फायर ब्रिगेड को सूचना दी जाती, तब तक ग्रामीणों ने स्वयं मोर्चा संभाल लिया। गांव के युवाओं और बुजुर्गों ने एकजुटता दिखाते हुए बाल्टियों से पानी डालकर और ट्रैक्टरों से खेतों की जुताई कर आग के प्रसार को रोकने का प्रयास किया। ग्रामीणों के इसी साहस का परिणाम रहा कि दमकल की गाड़ी पहुंचने से पहले ही आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया, जिससे आसपास के अन्य खेतों को जलने से बचा लिया गया।
प्रभावित किसानों का विवरण
अग्निकांड में मुख्य रूप से टेकापुर गांव के किसान श्याम बिहारी तिवारी को सबसे अधिक आर्थिक क्षति हुई है। इसके साथ ही संजय तिवारी और अन्य किसानों के खेत भी आग की भेंट चढ़ गए। वहीं बहरवानी गांव में नगीना यादव सहित कई अन्य किसानों की तैयार गेहूं की फसल पूरी तरह जल गई है। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है, हालांकि तेज हवाओं ने आग को भड़काने में मुख्य भूमिका निभाई।
प्रशासनिक मुस्तैदी और मुआवजे का वादा
घटना की सूचना मिलते ही उप जिलाधिकारी (SDM) सकलडीहा कुंदन राज कपूर, तहसीलदार संदीप श्रीवास्तव और नायब तहसीलदार राजेंद्र प्रसाद के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने प्रभावित खेतों का निरीक्षण किया और पीड़ित किसानों को ढांढस बंधाया। उन्होंने बताया कि क्षति का सटीक आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। किसानों का विवरण मंडी समिति को भेजा जाएगा और शासन द्वारा निर्धारित मुआवजा सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा। प्रशासन ने लेखपालों को निर्देशित किया है कि इस प्रक्रिया में कोई देरी न की जाए।
Tags
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*







