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आकाशीय बिजली का कहर: दो दुधारू भैंसों की तड़पकर मौत, गरीब पशुपालक का टूटा आजीविका का सहारा

चंदौली के सकलडीहा में बुधवार को तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से दो भैंसों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में पशुपालक बाल-बाल बच गया, लेकिन उसे करीब ढाई लाख रुपये का भारी नुकसान हुआ है।

 
 

आकाशीय बिजली से दो भैंसों की मौत

बाल-बाल बचा बेबस पशुपालक

करीब ढाई लाख का भारी नुकसान

राजस्व विभाग ने शुरू की जांच

चंदौली जिले के सकलडीहा क्षेत्र में बुधवार की शाम को मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। तेज कड़कड़ाहट के साथ शुरू हुई मूसलाधार बारिश जहां एक तरफ राहत लेकर आई, वहीं दूसरी तरफ एक गरीब परिवार के लिए आफत बन गई। बारिश के दौरान अचानक कड़कड़ाती हुई आकाशीय बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में आने से एक पशुपालक की दो दुधारू भैंसों की मौके पर ही तड़पकर मौत हो गई।

राहत की बात बस यह रही कि इस भयानक हादसे में पशुपालक बाल-बाल बच गया। हालांकि, अपनी आंखों के सामने अपनी दो भैंसों को दम तोड़ते देख पशुपालक और उसके परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। इस दर्दनाक घटना की खबर जैसे ही फैली, पूरे गांव में हड़कंप मच गया और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।

 विक्रमा यादव पर टूटा दुखों का पहाड़
मौसम के जानकारों के मुताबिक बुधवार की शाम को हुई यह तेज बारिश उमस और भीषण गर्मी से तड़प रहे लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आई थी। खेतों में धान की नर्सरी डालने और पशुओं के चारे के लिए पानी मिलने से इलाके के किसान बेहद खुश थे। लेकिन सकलडीहा के रानेपुर गांव के रहने वाले विक्रमा यादव के लिए यह शाम जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द दे गई।

रोज की तरह विक्रमा यादव की दोनों भैंसें खेत के पास ही बंधी हुई थीं। तभी अचानक आसमान से मौत बनकर बिजली गिरी और दोनों भैंसों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। विक्रमा ने बताया कि दोनों भैंसों की बाजार में अनुमानित कीमत करीब ढाई लाख रुपये थी। एक झटके में ढाई लाख का नुकसान होने से पूरा परिवार सदमे में है।

दूध बेचकर चलता था पूरे परिवार का खर्च
बेबस पशुपालक विक्रमा यादव ने रोते हुए बताया कि ये दोनों भैंसें सिर्फ जानवर नहीं थीं, बल्कि उनके पूरे परिवार की रोजी-रोटी का इकलौता जरिया थीं। इन्हीं भैंसों का दूध बेचकर वह अपने बच्चों का पेट पालता था और घर का खर्च चलाता था। अचानक दोनों पशुओं की मौत हो जाने से अब परिवार के सामने दाने-दाने का संकट खड़ा हो गया है।

हादसे की जानकारी तुरंत स्थानीय प्रशासन और क्षेत्रीय लेखपाल को दी गई। सूचना मिलते ही राजस्व विभाग की टीम ने बिना देरी किए रानेपुर गांव का दौरा किया। टीम ने मौके पर पहुंचकर मरे हुए पशुओं को देखा, जरूरी जानकारी जुटाई और नुकसान का शुरुआती आकलन तैयार कर अपनी रिपोर्ट आलाधिकारियों को सौंप दी है।

एसडीएम कुंदन राज कपूर ने दिए जांच के आदेश
इस पूरे मामले पर सकलडीहा के उपजिलाधिकारी (SDM) कुंदन राज कपूर ने संवेदनशीलता दिखाते हुए बताया कि घटना की पूरी जांच कराई जा रही है। राजस्व टीम को नुकसान का सही आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों के तहत कागजी कार्रवाई पूरी होते ही पीड़ित पात्र किसान को सरकारी प्रावधानों के मुताबिक जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिया जाएगा।

वहीं, रानेपुर गांव के प्रधान और अन्य ग्रामीणों ने भी जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि विक्रमा यादव बेहद गरीब हैं। इसलिए उन्हें बिना किसी दफ्तरी देरी के तुरंत आर्थिक सहायता दी जाए, ताकि वे दोबारा कोई नया पशु खरीद सकें और उनके परिवार की गाड़ी एक बार फिर से पटरी पर लौट सके।

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