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सुबह 6 बजे दारू पीनी है तो सकलडीहा के इस ठेके पर आ जाइए, वायरल वीडियो ने खोली आबकारी विभाग की पोल

सकलडीहा कस्बे में सुबह 6 बजे एक विशेष खिड़की से शराब बेचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। ओवररेटिंग और नियमों की अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने आबकारी विभाग पर मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं।

 
 

सुबह छह बजे शराब बिक्री का वीडियो

विशेष खिड़की से होती थी कालाबाजारी

शराब के लिए 20-30 रुपये अतिरिक्त

ग्रामीणों ने आबकारी विभाग पर घेरा

जांच के नाम पर टालमटोल रवैया

चंदौली जिले के सकलडीहा कस्बे से आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। सकलडीहा के कमालपुर मार्ग पर स्थित इटवा गांव में संचालित देशी शराब की दुकान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दुकान का सेल्समैन सुबह करीब छह बजे ही एक विशेष खिड़की खोलकर शराब बेचता हुआ साफ दिखाई दे रहा है।

अतिरिक्त रुपये वसूलने और दुर्व्यवहार का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दुकान पर निर्धारित समय से काफी पहले से ही शराब खरीदने वालों का तांता लग जाता है। प्रतिबंधित समय में शराब की बोतल देने के एवज में सेल्समैन ग्राहकों से 20 से 30 रुपये अतिरिक्त वसूलता है। सुबह से ही शराबियों का जमावड़ा लगने के कारण आसपास रहने वाले लोगों और राहगीरों को भारी फजीहत झेलनी पड़ती है। नशेडियों की आवाजाही ब्लॉक कार्यालय तक रहती है, जिससे महिलाओं व छात्राओं को आने-जाने में डर बना रहता है।

शिकायत के बाद भी सुनवाई न होने पर ग्रामीणों ने बनाया वीडियो
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने समय से पहले शराब बिक्री और ओवररेटिंग की शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। लगातार अनदेखी से परेशान होकर स्थानीय निवासियों ने खुद ही सुबह-सुबह शराब बिक्री का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और उसे वायरल कर दिया। ग्रामीणों की मांग है कि दुकान के संचालन के समय और बिक्री की कड़ी निगरानी की जाए।

जांच करने पहुंचे अधिकारी, पर कार्रवाई पर साध ली चुप्पी
मामला सुर्खियों में आने के बाद जिला आबकारी निरीक्षक घनश्याम मिश्रा और आबकारी इंस्पेक्टर खुद दुकान पर जांच के लिए पहुंचे। हालांकि, जब सोमवार को उनसे कार्रवाई को लेकर सवाल किए गए, तो जिला आबकारी निरीक्षक ने बताया कि जांच के वक्त मौके पर कोई शराब बेचता हुआ नहीं पाया गया। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब वीडियो में तय समय से पहले बिक्री के स्पष्ट साक्ष्य मौजूद हैं, तो उस पर क्या कदम उठाया गया, इस पर अधिकारी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।

विभाग और ठेकेदार में मिलीभगत का ग्रामीणों ने लगाया आरोप
इस टालमटोल वाले रवैये को लेकर ग्रामीणों ने आबकारी विभाग और लाइसेंसधारक के बीच सांठगांठ का आरोप लगाया है। स्थानीय लोगों का दावा है कि 'सुविधा शुल्क' के खेल के चलते नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। वायरल वीडियो में तो एक खरीदार आबकारी पुलिस को हर महीने पांच हजार रुपये दिए जाने की बात कहता दिख रहा है। हालांकि, इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अब देखना होगा कि उच्चाधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।

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