बारिश से डूबीं हजारों बीघा फसलें: कौन करेगा किसानों के नुकसान की भरपायी, तहसीलदार और नायब ने मौके का लिया जायजा
चंदौली के सकलडीहा में बंधी डिवीजन की लापरवाही से हजारों बीघा धान की फसल पानी में डूब गई है। किसानों का आरोप है कि नाले की सही सफाई न होने से यह मुसीबत आई। जानिए पूरी खबर।
सकलडीहा में डूब गई धान फसल
बंधी डिवीजन की बड़ी लापरवाही आई सामने
लेहरा-मनिहरा ड्रेन सफाई पर उठे सवाल
तहसीलदार ने लिया जलमग्न फसलों का जायजा
पीड़ित किसानों को मुआवजा देने का आश्वासन
चंदौली जिले से किसानों की परेशानी बढ़ाने वाली खबर सामने आ रही है। सकलडीहा क्षेत्र में महज दो दिनों की बारिश ने बंधी डिवीजन के दावों की पोल खोलकर रख दी है। अधिकारियों की कथित लापरवाही और अनदेखी के चलते हजारों बीघा धान की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई है। लहलहाते खेत तालाब में तब्दील हो चुके हैं, जिससे सैकड़ों किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

लेहरा-मनिहरा ड्रेन की सफाई न होने से बढ़ा जलभराव
पीड़ित किसानों का सीधा आरोप है कि लेहरा-मनिहरा ड्रेन (नाले) की सही समय पर उचित सफाई नहीं कराई गई। ड्रेन में भारी मात्रा में सिल्ट (गाद) और गंदगी जमा होने के कारण पानी की निकासी पूरी तरह रुक गई। जब दो दिन रिमझिम और तेज बारिश हुई, तो पानी खेतों से बाहर निकलने के बजाय वापस फसलों में भरने लगा। इसके चलते देखते ही देखते सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसलें पानी में पूरी तरह डूब गईं।

सफाई में लाखों के भ्रष्टाचार और बंदरबांट का आरोप
जानकारी के अनुसार, बंधी डिवीजन के तहत आने वाली 28 किलोमीटर लंबी इस लेहरा-मनिहरा ड्रेन की सिल्ट सफाई के लिए इसी वित्तीय वर्ष में लाखों रुपये का बजट जारी किया गया था। हालांकि, किसानों का कहना है कि कागजों पर तो सफाई पूरी दिखा दी गई, लेकिन धरातल पर भारी भ्रष्टाचार हुआ। ठेकेदारों और अधिकारियों ने मिलकर बजट का बंदरबांट कर लिया। सफाई के नाम पर सिर्फ ऊपर-ऊपर से घास हटा दी गई, जबकि नीचे जमा सिल्ट को छुआ तक नहीं गया।
गुस्साए किसानों को अधिकारियों ने दिया भरोसा
इस बात से नाराज दर्जनों किसानों ने गुरुवार को मौके पर एकत्र होकर बंधी डिवीजन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया। किसानों के हंगामे की खबर मिलते ही तहसीलदार अनुराग सिंह और नायब तहसीलदार राजेंद्र प्रसाद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने जलमग्न खेतों का पैदल घूमकर जायजा लिया। उन्होंने बंधी डिवीजन को तत्काल जलकुंभी हटाने का निर्देश दिया और किसानों को नियम अनुसार मुआवजा दिलाने का भरोसा जताया। इस दौरान अवधेश यादव, नंदलाल मौर्य, पप्पू मौर्य और अशोक यादव समेत बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
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