सकलडीहा PG कॉलेज में पुलवामा शहीदों को नमन, गूंजा राष्ट्रभक्ति का संदेश
चंदौली के सकलडीहा पीजी कॉलेज में पुलवामा हमले के अमर शहीदों की स्मृति में विचार गोष्ठी आयोजित की गई। विशेषज्ञों ने भारत की आतंकवाद विरोधी नीति पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को राष्ट्र सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।
सकलडीहा पीजी कॉलेज में श्रद्धांजलि सभा
पुलवामा शहीदों की स्मृति में गोष्ठी
आतंकवाद विरोधी नीति पर मुख्य व्याख्यान
युवाओं में राष्ट्रभक्ति का संदेश संचार
शहीदों के सम्मान में दो मिनट मौन
पुलवामा शहीदों की स्मृति में विचार गोष्ठी
चंदौली जनपद स्थित सकलडीहा पीजी कॉलेज में शुक्रवार को पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए वीर जवानों की स्मृति में एक महत्वपूर्ण विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करना और छात्र-छात्राओं के भीतर राष्ट्रभक्ति एवं सुरक्षा चेतना की भावना को सुदृढ़ करना था। गोष्ठी की शुरुआत में उपस्थित सभी लोगों ने शहीदों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखकर अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।
आतंकवाद विरोधी नीति और युवाओं की भूमिका
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में किसान पीजी कॉलेज, बस्ती के रक्षा अध्ययन विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. अमित कुमार उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में पुलवामा हमले की पृष्ठभूमि और भारत सरकार की वर्तमान आतंकवाद विरोधी नीतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. कुमार ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि पुलवामा जैसे हमलों ने देश की सामूहिक चेतना को गहराई से प्रभावित किया है, अतः युवा पीढ़ी को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों को अत्यंत गंभीरता से समझना चाहिए और देश की एकता बनाए रखने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
संप्रभुता की रक्षा में सैनिकों का योगदान अमूल्य
गोष्ठी की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर प्रदीप कुमार पांडे ने की। उन्होंने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्र की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा में भारतीय सैनिकों का योगदान अतुलनीय है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। वहीं, रक्षा अध्ययन विभाग के प्रभारी प्रोफेसर विजेंदर सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया और स्पष्ट किया कि ऐसी गोष्ठियाँ विद्यार्थियों में देशभक्ति, अनुशासन और उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करने का कार्य करती हैं।
राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन
इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक प्रोफेसर उदय शंकर झा, प्रोफेसर समीम इमरान, प्रोफेसर एमपी सिंह, डॉ. इंद्रदेव सिंह, डॉ. अमन मिश्रा सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। वक्ताओं ने राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद जैसी चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का समापन सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाकर किया गया, जिससे पूरा महाविद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति के स्वर से गूंज उठा।
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