घर से साइकिल लेकर निकले थे बालमुकुंद सिंह, रेलवे ट्रैक पर क्षत-विक्षत मिला शव, गांव में पसरा सन्नाटा
चंदौली के सकलडीहा क्षेत्र में एक बुजुर्ग की एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। पौरा गांव के पास रेलवे ट्रैक के किनारे उनकी साइकिल खड़ी मिली, जिससे उनकी पहचान हुई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पौरा गांव के समीप रेलवे ट्रैक पर हुआ हादसा
डिघवट गांव के रहने वाले थे बुजुर्ग बालमुकुंद सिंह
ट्रैक के किनारे खड़ी मिली बुजुर्ग की साइकिल
शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा
सरल और मिलनसार बुजुर्ग की मौत से गांव में शोक
चंदौली जिले के सकलडीहा थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहाँ पौरा गांव के समीप रेलवे ट्रैक पार करते समय एक बुजुर्ग व्यक्ति किसी तेज रफ्तार एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गए। ट्रेन की जोरदार टक्कर लगने से बुजुर्ग की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण हादसे की खबर जैसे ही आसपास के इलाके में फैली, वैसे ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
स्थानीय राहगीरों द्वारा घटना की जानकारी तुरंत पुलिस प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम बिना किसी देरी के तत्काल घटनास्थल पर पहुँच गई। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद शव को अपने कब्जे में ले लिया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
साइकिल से घर से निकले थे बालमुकुंद
पुलिस और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान सकलडीहा क्षेत्र के डिघवट गांव निवासी 65 वर्षीय बालमुकुंद सिंह के रूप में की गई है। परिजनों ने बताया कि बालमुकुंद सिंह रोज की तरह अपने घर से साइकिल लेकर किसी काम के सिलसिले में बाहर निकले थे। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी वे घर वापस नहीं लौटे, तो परिवार के लोग उनकी तलाश करने लगे और चिंतित होने लगे।
इसी बीच सूचना मिली कि पौरा गांव के पास रेलवे ट्रैक पर एक बुजुर्ग व्यक्ति ट्रेन दुर्घटना का शिकार हो गए हैं। इस बात की भनक लगते ही परिजन और ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुँचे। रेलवे ट्रैक के ठीक किनारे बालमुकुंद सिंह की साइकिल खड़ी हुई मिली, जिसे देखकर रोते-बिलखते परिजनों ने शव की शिनाख्त बालमुकुंद सिंह के रूप में की।
मिलनसार स्वभाव के थे बुजुर्ग बालमुकुंद
घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों का कहना है कि बुजुर्ग किसी एक्सप्रेस ट्रेन की गति का अंदाजा नहीं लगा पाए और उसकी चपेट में आ गए। इस हृदयविदारक घटना के बाद मौके पर स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीण महेंद्र राजभर और विकास सिंह ने दुख व्यक्त करते हुए बताया कि बालमुकुंद सिंह क्षेत्र में अपने बेहद सरल, शांत और मिलनसार व्यवहार के लिए जाने जाते थे।
उनकी इस प्रकार अचानक और असमय हुई दर्दनाक मौत से पूरे डिघवट गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस संबंध में सकलडीहा थाना पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य चश्मदीदों के बयानों के आधार पर आगे के तथ्यों की पुष्टि होगी, फिलहाल पुलिस हादसे के सभी संभावित पहलुओं की जांच में गंभीरता से जुटी हुई है।
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