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जनगणना कर रहे शिक्षक पर शराबी का हमला, धक्का-मुक्की कर सरकारी काम में डाली बाधा

चहनिया ब्लॉक के महड़ौरा गांव में जनगणना ड्यूटी पर तैनात शिक्षक अभिषेक उपाध्याय के साथ मारपीट और अभद्रता का मामला सामने आया है। पीड़ित शिक्षक ने एसडीएम से सुरक्षा की गुहार लगाते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

 
 

महड़ौरा गांव में प्रगणक शिक्षक से मारपीट और अभद्रता

शराब के नशे में धुत आरोपी ने सरकारी कार्य में डाला व्यवधान

जान-माल के खतरे से डरे शिक्षक ने बंद किया फील्ड वर्क

एसडीएम कुंदन राज कपूर ने बलुआ पुलिस को दिए सख्त निर्देश

सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर क्षेत्र में गर्माया माहौल

 चंदौली जनपद अंतर्गत चहनिया ब्लॉक के महड़ौरा गांव में राष्ट्रीय जनगणना कार्य के दौरान एक बेहद गंभीर और निंदनीय मामला प्रकाश में आया है। यहाँ फील्ड ड्यूटी पर तैनात एक सरकारी शिक्षक के साथ गांव के ही एक अराजक तत्व द्वारा मारपीट और घोर अभद्रता की गई है। इस अप्रत्याशित घटना के बाद पीड़ित शिक्षक ने बेहद डरे हुए माहौल में उप जिलाधिकारी (एसडीएम) सकलडीहा के समक्ष अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है। साथ ही, उन्होंने राष्ट्रीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाले और उनके साथ हाथापाई करने वाले नामजद आरोपी के खिलाफ कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।

नशे की हालत में किया हमला, सरकारी दस्तावेज छीनने का प्रयास
प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, प्रगणक (संख्या HLB-0351) के रूप में नियुक्त स्थानीय शिक्षक अभिषेक उपाध्याय बलुआ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम महड़ौरा में शासन के निर्देशानुसार जनगणना का महत्वपूर्ण फील्ड कार्य संपादित कर रहे थे। आरोप है कि जब वे डेटा एकत्र कर रहे थे, तभी गांव का निवासी ओमप्रकाश निषाद उर्फ साचू (पुत्र अभय निषाद) अत्यधिक शराब के नशे में धुत होकर वहाँ पहुंचा। उसने बिना किसी वजह के शिक्षक के साथ धक्का-मुक्की और गाली-गलौज शुरू कर दी। बात यहीं नहीं रुकी, आरोपी ने शिक्षक का आवश्यक सरकारी सामान और दस्तावेज छीनने का भी प्रयास किया तथा इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में पूरी तरह से बाधा उत्पन्न की।

धमकी के बाद कार्य बंद कर सीधे एसडीएम आवास पहुंचे पीड़ित प्रगणक
पीड़ित प्रगणक अभिषेक उपाध्याय का कहना है कि आरोपी लगातार उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे रहा था और तत्काल जनगणना कार्य बंद करने का अनुचित दबाव बना रहा था। इस आपातकालीन घटना के तुरंत बाद भयभीत शिक्षक ने स्थानीय तहसीलदार को फोन के माध्यम से पूरे घटनाक्रम की सूचना देने का प्रयास किया, परंतु किन्हीं कारणों से उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो सका। इसके उपरांत, अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शिक्षक सीधे उप जिलाधिकारी सकलडीहा के शासकीय आवास पर पहुंचे। वहाँ उन्होंने एसडीएम को एक लिखित प्रार्थना पत्र सौंपकर अपनी जान-माल की रक्षा के लिए सुरक्षा व्यवस्था और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

जान-माल के भय से सहमे शिक्षक, एसडीएम ने दिए जांच के सख्त आदेश
अपने लिखित प्रार्थना पत्र में शिक्षक ने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि वे इस हिंसक घटना के बाद से अपनी जान-माल को लेकर अत्यंत भयभीत हैं। मौजूदा तनावपूर्ण और असुरक्षित परिस्थितियों में वे स्वयं को जनगणना जैसे संवेदनशील सरकारी कार्य को आगे बढ़ाने में पूरी तरह असमर्थ और असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि फील्ड वर्क के दौरान उन्हें और उनके सहयोगियों को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उप जिलाधिकारी सकलडीहा कुंदन राज कपूर ने बिना कोई समय गंवाए तत्काल बलुआ थाना अध्यक्ष को फोन मिलाकर मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए। एसडीएम ने प्रार्थना पत्र पर त्वरित जांच कर न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश जारी किया है, जिसके बाद से पूरे क्षेत्र में इस घटना को लेकर गंभीर चर्चाएं चल रही हैं।

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