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शिक्षक संगठनों के विरोध प्रदर्शन में सकलडीहा के लोगों ने की बड़ी भागीदारी
 

चंदौली जनपद के सकलडीहा से जिला मुख्यालय पर पहुँचकर शिक्षक एवं विभिन्न संगठनों के कर्मचारियों ने बाइक रैली निकालकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पर ज्ञापन सौंपा।
  शिक्षा विभाग सहित अन्य विभाग के कर्मचारियों ने भी अपने विभिन्न मांगों को लेकर सकलडीहा क्षेत्र से पहुँचकर सरकार के खिलाफ बाइक रैली निकालकर अपना शक्ति प्रदर्शन किया। बाइक रैली में शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षक अनुदेशक एवं शिक्षा मित्र तथा तहसील के अमीन संघ एवं तहसील कर्मचारियों ने सरकार के विभिन्न नीतियों के खिलाफ अपना विरोध जताया।


सकलडीहा क्षेत्र के निवासी प्रांतीय प्रसार मंत्री डॉ देवेंद्र प्रताप यादव ने कहा कि निश्चय ही यह सरकार हम शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार अपना रही है।एक तरफ जहां शिक्षक समाज को सुधारने का काम करता है वही हम शिक्षकों को विभिन्न विसंगतियों जूझना पड़ रहा हैं। हम शिक्षक अपनी पूरी तन्मयता से पठन-पाठन का कार्य करते हैं इसके बावजूद भी यह गूंगी बहरी सरकार हम शिक्षकों के मूलभूत समस्याओं को नजरअंदाज करती नजर आ रही है। वही शिक्षामित्र जिला अध्यक्ष इंद्रजीत यादव ने कहा कि शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार हमेशा से किसी भी सरकार के लिए नुकसानदायक रहा है। हम शिक्षकों के साथ हो रहे विभिन्न विसंगतियों की मांगों को सरकार जल्द से जल्द पूरा करने का काम करें।अनुदेशक शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष विकास यादव ने कहा कि शिक्षक समाज का निर्माता होता है न्यायालयों से आदेश के बावजूद भी विभिन्न आदेशों को यह सरकार ताक पर रखकर काम कर रही है एक तरफ जहां विद्यालयों में पठन-पाठन के कार्य के उत्तर भी शिक्षकों से कार्य लिया जाता है वहीं दूसरी तरफ शिक्षक सरकार के सभी आदेशों का इमानदारी पूर्वक पालन करता है इसके बावजूद भी उसकी समस्याओं को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। विदित हो कि  शिक्षकों ने आर-पार की लड़ाई करने का मूड बना लिया है।

 teacher protest

शिक्षकों ने  अपने विभिन्न मांगों को लेकर बाइक रैली निकालते अपनी एकजुटता का आभास कराया शिक्षकों ने अपने विभिन्न मांगे पुरानी पेंशन बहाली, कैशलेस चिकित्सा, एसीपी, उपार्जित अवकाश, माह के द्वितीय शनिवार को अवकाश, प्रत्येक कक्षा पर अध्यापक, प्रत्येक विद्यालय में प्रधानाध्यापक, लिपिक, सफाई कर्मचारी, चौकीदार, शिक्षकों के अंतर्जनपदीय (आकांक्षी जनपद सहित) स्थानांतरण, संविलियन निरस्त किया जाय, शिक्षकों की पदोन्नति, ऑनलाइन कार्य के नाम पर शिक्षकों का शोषण, न्यूनतम वेतनमान 17140 व 18 50 की विसंगति को दूर करना, शिक्षकों के वेतनमान सेवानिवृत्त/ पेंशनर्स के समस्या का निराकरण, शिक्षा मित्र शिक्षक अनुदेशक शिक्षक विशेष शिक्षक कस्तूरबा शिक्षकों को स्थाई किया जाए।सभी कार्यरत रसोइयों को स्थाई कर 10000 रुपये मानदेय, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को 15000 मानदेय, सहायिका को न्यूनतम 10000 मानदेय, सभी प्रकार के भत्ते, एरियर, सामूहिक बीमा धन राशि दस लाख किया जाय, वार्षिक प्रविष्टि का शासनादेश वापस लिया जाए, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिनियम विधेयक 2021 वापस लिया जाए, मृतक आश्रितों को टीईटी से मुक्त किया जाए, मृतक आश्रितों को लिपिक पद पर नियुक्ति, कोरोना महामारी एवं पंचायत चुनाव के दौरान मृतक शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक शिक्षक, के परिवारजनों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। शिक्षामित्र अनुदेशक शिक्षक मृतक आश्रितों को नौकरी दी जाए, से संबंधित प्रमुख मांगों को लेकर शिक्षकों ने शिक्षक संघ प्रदेश प्रदेश के आवाहन पर हुंकार भरते हुए अपना विरोध प्रदर्शन जताया।

इस मौके पर  प्रांतीय प्रचार मंत्री देवेंद्र प्रताप यादव,  ब्लॉक अध्यक्ष अशोक सिंह, महा मंत्री जय नारायण यादव, शिक्षामित्र जिला अध्यक्ष इंद्रजीत यादव, राम इच्छा सिंह, अच्युतानंद पाण्डेय,,चंद्रशेखर आजाद, महेंद्र कुमार,दिनेश रस्तोगी, डा कैयूम अंसारी, लालब्रत यादव,बृजेश यादव,चंद्रकांत सिंह,नरेंद्र सिंह,चंद्रधर दीक्षित,विजय कुमार सिंह,रामेश्वर प्रसाद,रामायण यादव,कमलेश कुमार साहनी,रूपेश कुमार सिंह, अरुणेंद्र प्रताप सिंह,जशवंत यादव, रामकरन यादव,शिवकुमार यादव,आनंद कुमार श्रीवास्तव,रत्नाकर प्रसाद,श्याम कार्तिक सिंह,राकेश सिंह,सतीश कुमार, प्रमोद कुमार,अनिल कुमार,दीनदयाल पाण्डेय, रामप्रताप ऋषिकेश सिंह सत्यनारायण प्रसाद आशीष सिंह आदि कर्मचारी उपस्थित रहे।