एक बार फिर से तेजी से बढ़ने लगी गंगा, तटवर्ती गांवों पर मंडराया खतरा
दो दिन में 7 फीट बढ़ा गंगा का जलस्तर
बलुआ घाट पर फिर डूबे यात्री सुविधाएं
शव दाह गृह तक पहुंचा गंगा का पानी
ग्रामीणों को फिर से पलायन की चिंता
चंदौली जिले के चहनियां में गंगा का जलस्तर एक बार फिर से तेजी से बढ़ने लगा है। दो दिनों के भीतर करीब 7 फीट तक पानी बढ़ गया, जिससे तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों की मुश्किलें फिर से बढ़ गई हैं। बलुआ घाट पर जहां कुछ दिनों पहले तक सीढ़ियां, यात्री प्रतीक्षालय और अन्य सुविधाएं साफ दिखाई देने लगी थीं, वहीं अब दोबारा पानी में डूबने लगी हैं।
आपको बता दें कि पिछले सप्ताह गंगा का जलस्तर घटने से राहत की उम्मीद जगी थी। सात अगस्त से पानी उतरने के क्रम में बलुआ घाट पर बने महिला चेंजिंग रूम, बहुउद्देशीय यात्री प्रतीक्षालय, टीनशेड विश्रामालय, वाहन पार्किंग स्थल और घाट की सीढ़ियां साफ दिखने लगी थीं। मगर बीते दो दिनों में बढ़े जलस्तर के कारण एक महिला चेंजिंग रूम पूरी तरह डूब चुका है, जबकि दूसरा नया चेंजिंग रूम और प्रतीक्षालय भी डूबने की कगार पर पहुंच गया है।
बताते चलें कि टीनशेड में बने शव दाह गृह तक भी पानी घुस गया है। तटवर्ती गांव मुकुंदपुर, बोझवा, सरैया समेत कई गांवों के लोग पहले ही बाढ़ से विस्थापित होकर राहत शिविरों और अन्य सुरक्षित जगहों पर शरण ले चुके हैं। अब जलस्तर के दोबारा बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

गंगा तटवर्ती गांव भुपौली, डेरवा, महड़ौरा, कांवर, पकड़ी, महुअरिया, विसुपुर, महुआरी खास, सराय, बलुआ, डेरवाकला, महुअर कला, हरधन जुड़ा, गंगापुर, पुराबिजयी, चकरा, सोनबरसा, टांडाकला, महमदपुर, सरौली, तीरगांव, हसनपुर, बड़गांव, निधौरा, सहेपुर आदि गांवों की हजारों एकड़ उपजाऊ जमीन बाढ़ के पानी में समा चुकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का जलस्तर जिस तेजी से बढ़ रहा है, उससे गांवों में एक बार फिर पानी घुसने की संभावना है। तालाबों और निचले इलाकों में पहले से ही पानी भरा हुआ है। ऐसे में अगर जलस्तर और बढ़ा तो हालात और भयावह हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि गांवों में राहत सामग्री, नाव और बचाव दल की समय पर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।
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