पेड़ के तने से टकराई बाइक, 22 वर्षीय छात्र की मौत से कोहराम
चंदौली के बलुआ क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 22 वर्षीय संदीप निषाद की मौत हो गई। बाइक सड़क किनारे झाड़ियों में छिपे सूखे पेड़ के तने से टकरा गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद विभाग ने इस खतरे को नहीं हटाया था।
झाड़ियों में छिपे तने से हादसा
22 वर्षीय संदीप निषाद की मौत
परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश
प्रशासन की अनदेखी पर उठे सवाल
वाराणसी के अस्पताल में तोड़ा दम
चंदौली जनपद अंतर्गत बलुआ थाना क्षेत्र के मठिया गांव के समीप बुधवार शाम एक हृदय विदारक सड़क हादसा हुआ। इस दुर्घटना में 22 वर्षीय युवक संदीप निषाद की असामयिक मृत्यु हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
तूफान की भेंट और विभाग की सुस्ती
हादसे की मुख्य वजह सड़क किनारे स्थित एक सूखा शीशम का पेड़ बना। बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले आए तेज तूफान के दौरान यह पेड़ जड़ से उखड़कर सड़क पर गिर गया था। उस समय रास्ता साफ करने के लिए प्रशासन ने पेड़ की शाखाओं को तो काट दिया, लेकिन उसका एक बेहद भारी और मोटा तना सड़क की ओर ही लटका छोड़ दिया गया। समय बीतने के साथ यह तना झाड़ियों और सरपत से पूरी तरह ढक गया, जिससे दूर से आने वाले वाहन चालकों को यह दिखाई नहीं देता था।
कैसे हुआ हादसा?
मृतक संदीप निषाद, जो पूराविजयी गांव का निवासी था, बुधवार शाम अपने एक साथी के साथ बाइक पर गैस सिलेंडर लेकर टांडा बाजार की ओर से घर लौट रहा था। जैसे ही वह मठिया गांव के पास पहुंचा, सामने से आ रहे एक अन्य वाहन को साइड देने के प्रयास में उसने अपनी बाइक सड़क किनारे की ओर मोड़ी। झाड़ियों में छिपा हुआ पेड़ का भारी तना अचानक बाइक से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि संदीप उछलकर सड़क पर जा गिरा और उसे गंभीर चोटें आईं, जबकि उसका साथी चमत्कारिक रूप से बच गया।
अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
स्थानीय ग्रामीणों की मदद से घायल संदीप को तत्काल टांडा बाजार स्थित एक निजी क्लीनिक ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे वाराणसी रेफर कर दिया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था; वाराणसी के अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के पिता विजय निषाद के तीन पुत्रों में संदीप मंझला बेटा था और घर पर रहकर अपनी पढ़ाई कर रहा था। उसका बड़ा भाई विदेश में कार्यरत है।
ग्रामीणों का प्रशासन के खिलाफ आक्रोश
इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग से इस खतरनाक तने को हटाने की गुहार लगाई थी, क्योंकि यह आए दिन छोटी-मोटी दुर्घटनाओं का कारण बन रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते उनकी शिकायतों पर ध्यान दिया होता, तो आज एक होनहार युवक की जान नहीं जाती। अब ग्रामीण प्रशासन से जवाबदेही और पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।
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