गांव वालों के लिए खुशखबरी : 1.50 अरब की लागत से जिले में बनेंगे 5 मॉडल कंपोजिट स्कूल
हर तहसील में खुलेगा एक विद्यालय
सकलडीहा में निर्माण कार्य की शुरुआत
30 करोड़ की लागत से बनेगा प्रत्येक स्कूल
दो हजार छात्र-छात्राओं के लिए होगी व्यवस्था
चंदौली जिले में शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाई देने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। जिले की सभी पांच तहसीलों में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल की स्थापना की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी योजना पर करीब 1.50 अरब रुपये की लागत आएगी। इन स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं और डिजिटल शिक्षा से लैस किया जाएगा, ताकि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शिक्षण वातावरण मिल सके।
हर तहसील में एक स्कूल
आपको बता दें कि सरकार ने योजना के तहत यह सुनिश्चित किया है कि जिले की सभी पांच तहसीलों सकलडीहा, चकिया, नौगढ़, पीडीडीयू नगर और सदर (चंदौली) में एक-एक मॉडल कंपोजिट स्कूल बनाया जाएगा। इनमें से सकलडीहा तहसील में निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो चुका है। चकिया तहसील में सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर के पास भूमि चयनित कर ली गई है। अन्य तीन तहसीलों में भूमि चिह्नांकन का कार्य चल रहा है और जल्द ही निर्माण शुरू हो जाएगा।
प्रत्येक स्कूल पर 30 करोड़ का खर्च
बताते चलें कि प्रत्येक विद्यालय के निर्माण पर लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत आएगी। शासन ने निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड को सौंपी है। इन स्कूलों का उद्देश्य न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है बल्कि ऐसा माहौल तैयार करना है जहां बच्चे शिक्षा के साथ खेलकूद और अन्य गतिविधियों में भी आगे बढ़ सकें।
दो हजार छात्रों के लिए सुविधा
प्रत्येक विद्यालय में प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई होगी। यहां करीब दो हजार छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। शिक्षा का स्तर इस प्रकार रखा जाएगा कि बच्चों को अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए निजी संस्थानों का रुख न करना पड़े।
डिजिटल प्लेटफॉर्म और लैंग्वेज लैब
ये मॉडल स्कूल पूरी तरह से डिजिटल एजुकेशन प्लेटफॉर्म और लैंग्वेज लैब से लैस होंगे। छात्रों को स्मार्ट क्लासरूम में आधुनिक तकनीक से पढ़ाई कराई जाएगी। भाषा प्रयोगशाला के जरिए बच्चों को हिंदी और अंग्रेजी सहित अन्य भाषाओं की बेहतर समझ दी जाएगी।
बाला कांसेप्ट पर बनेगा भवन
विद्यालय भवन को बिल्डिंग एज लर्निंग एड (बाला) कांसेप्ट पर तैयार किया जाएगा। इस अंतर्गत दीवारों, सीढ़ियों, खंभों और अन्य जगहों पर ज्ञानवर्धक पेंटिंग और स्लोगन बनाए जाएंगे। इसका उद्देश्य बच्चों को खेल-खेल में सीखने के लिए प्रेरित करना और पढ़ाई को और रोचक बनाना है।
खेल और गतिविधियों पर जोर
शिक्षा के साथ खेलकूद और गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। विद्यालयों में खेल का मैदान, स्पोर्ट्स कोर्ट, स्थायी स्टेज, परेड ग्राउंड और ओपन जिम की व्यवस्था होगी। इन सुविधाओं से बच्चों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जाएगा।
सुरक्षित और स्मार्ट बिल्डिंग
प्रत्येक विद्यालय में करीब 30 स्मार्ट क्लासरूम होंगे। भवन पूरी तरह से भूकंपरोधी होगा और इसमें आधुनिक अग्निशमन उपकरण लगाए जाएंगे। बच्चों को सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई और खेलने की सुविधा मिलेगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस
विद्यालयों में शिक्षा के अलावा अन्य सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इनमें सोलर पैनल, आरओ व यूवी वाटर प्लांट, मिड-डे मील किचन, डायनिंग हॉल, वॉशिंग एरिया और मल्टीपल हैंडवॉशिंग यूनिट शामिल होंगी। इसके अलावा, छात्रों को फर्नीचर और सभी जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, जिस पर लगभग पांच करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
100 शिक्षक होंगे नियुक्त
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक विद्यालय में लगभग 100 शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे। ये शिक्षक डिजिटल शिक्षा, खेलकूद और गतिविधि आधारित शिक्षण के लिए प्रशिक्षित होंगे।
जिले में शिक्षा का नया मॉडल
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार ने बताया कि जिले की पांचों तहसीलों में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के लिए शासन से स्वीकृति मिल चुकी है। सकलडीहा में निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि अन्य तहसीलों में भूमि चयन का कार्य अंतिम चरण में है। इन स्कूलों के तैयार होने के बाद जिले के बच्चों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित शिक्षा का माहौल मिलेगा।
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