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आखिर कौन जबरन पकड़वा है बालू की गाड़ियां, 48 घंटे बाद भी प्रशासन नहीं कर पाया कार्रवाई
 चंदौली जिले के खनन विभाग व प्रशासन के अधिकारियों का दावा है कि बिहार की तरफ से चाहे ओवरलोड ट्रक आ रही हो या अंडरलोड उन्हें पहले यहां बंद कर उनकी जांच की जाएगी। उसके बाद ही उन्हें आगे जाने का परमीशन प्रदान की जाएगी।
 

चंदौली मंडी समिति में बंद हैं बालू लदी ट्रकें

सीओ व एसडीएम ने गुरुवार को पकड़ी गाड़ियां

खनन अफसर अब सोमवार को करेंगे कार्रवाई

चंदौली जिले में बिहार से आ रही बालू लदी गाड़ियों पर शिकंजा कसने लगा है। अधिकारियों का कहना है कि अब अवैध तरीके से बालू की गाड़ियां बिना सही कागजात के जिले की सीमा से होते हुए कहीं और नहीं जा सकेंगी। इस पर अंकुश लगाने के नाम पर दो दिनों से गाड़ियों को पकड़ मंडी समिति में बंद तो किया गया है, लेकिन उनके जुर्म नहीं बताये जा रहे हैं, जिससे पुलिस व प्रशासन की कार्रवाई पर सवालिया निशान लग रहे हैं। साथ ही मामले में जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की जा रही है।

 चंदौली जिले के खनन विभाग व प्रशासन के अधिकारियों का दावा है कि बिहार की तरफ से चाहे ओवरलोड ट्रक आ रही हो या अंडरलोड उन्हें पहले यहां बंद कर उनकी जांच की जाएगी। उसके बाद ही उन्हें आगे जाने का परमीशन प्रदान की जाएगी। इसी कड़ी में दो दिन से 10 बालू लदी ट्रकों को एसडीएम व सीओ सदर के द्वारा बंद किया गया है।  

Balu Truck Seized

बता दें कि जिला प्रशासन के निर्देश पर बनाई गई टीम द्वारा लगातार नेशनल हाईवे पर चेकिंग कर बालू लदी ट्रकों को पकड़कर मंडी समिति में बंद करने का कार्य किया जा रहा है।  कुछ ऐसी भी गाड़ी के चालक मिले जो कि गुरुवार की रात से लेकर अब तक अंडर लोड ट्रक होने के बाद भी पकड़कर मंडी समिति में बंद किए गए हैं। जिस पर चालकों का कहना है कि हमारे द्वारा बाकायदे बिहार सरकार के अंडरलोड बालू लादकर यूपी में प्रवेश करने का परमिट लिया गया है और सारे पेपर अप टू डेट हैं, फिर भी जबरन परेशान किया जा रहा है। यहां के बार्डर पर आईएसटीपी ऑनलाइन कटवाई गई है। उसके बाद ही वह अपनी गाड़ी लेकर जा रहे थे।

कई ट्रकों के ड्राइवरों ने कहा कि गाड़ियों को सदर एसडीएम व सदर क्षेत्राधिकारी द्वारा पकड़कर बंद कर दिया गया है, और कोई कसूर नहीं बताया जा रहा है। केवल कहा जा रहा है कि ऊपर से गाड़ियों को बंद करने का आदेश है। उसी के कारण आपकी गाड़ियां यहां बंद रहेंगी।

Balu Truck Seized


ट्रक चालकों का यह भी कहना है कि हमें केवल इसलिए परेशान किया जा रहा है कि यूपी की महंगी बालू खरीदने को मजबूर हों। इसमें हमे कोई फायदा नहीं होता है। जबकि बिहार सरकार की सस्ती बालू मिलने के कारण हम सभी लोगों वहीं से लाते हैं और जो पैसा बचता है उससे अपना जीवन यापन करते हैं। बिहार की बालू सस्ती है जबकि यूपी के चोपन की बालू लेने पर हमें किसी प्रकार की बचत नहीं मिलती है। जिसके कारण हम बिहार के बालू को लाने के लिए विवश होते हैं ।

वहीं इस संबंध में खनन अधिकारी अरविंद यादव ने  बताया कि इन ट्रकों को इसलिए बंद किया गया है कि इनके पास बिहार तक का केवल आईएसटीपी पर उनका गंतव्य स्थान बिहार ही अंकित होता है। इसके कारण यूपी में आने वाली सारी गाड़ियों के बालू अवैध होते हैं। वहीं कुछ ट्रक चालकों द्वारा यदि यूपी का आईयसटीपी ऑनलाइन कटाई गई है, तो उन पर भी जुर्माने की कार्यवाही कर कार्यालय से ट्रक सोमवार को छोड़ा जाएगा। सारी कार्रवाई सोमवार को कार्यालय खुलने के बाद ट्रक चालकों के प्रपत्र चेक करके होगी।

अब सवाल उठता है कि गुरुवार को गाड़ियां पकड़ने के बाद अभी तक खनन विभाग व प्रशासन के अफसर खामी तक नहीं बता पा रहे हैं। एक ओर सरकार सुशासन व पारदर्शिता का गुणगान कर रही है तो वहीं दूसरी ओर पकड़ी गयी गाड़ियों को 48 घंटे बाद तक न आरोप बताया जा रहा है, ना तो चालान किया जा रहा है और ना ही छोड़ा जा रहा है।

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