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सितंबर के पहले सप्ताह तक आधी किताबें दे पायी है सरकार, जानिए जिले का हाल
जनपद के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए किताबों के आने का सिलसिला जारी है। अगस्त का महीना बीत जाने के बाद सितंबर का भी एक सप्ताह बीतने को है, पर अब तक 15 लाख से अधिक किताबों की मांग के सापेक्ष सात लाख किताबें मुख्यालय स्थित पुस्तक भंडार पर पहुंची हैं
 

परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने के लिए आती हैं किताबें

15 लाख की जगह आयीं हैं 7 लाख किताबें

पुरानी किताबों से हो रही पढ़ायी

चंदौली जनपद के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए किताबों के आने का सिलसिला जारी है। अगस्त का महीना बीत जाने के बाद सितंबर का भी एक सप्ताह बीतने को है, पर अब तक 15 लाख से अधिक किताबों की मांग के सापेक्ष सात लाख किताबें मुख्यालय स्थित पुस्तक भंडार पर पहुंची हैं, जिससे आप योगी सरकार की व्यवस्था के साथ साथ विभाग की संवेदनशीलता को समझ सकते हैं।

वहीं पहुंची किताबों को धीरे धीरे ब्लॉक संसाधन केन्द्रों तक पहुंचाकर शीघ्रातिशीघ्र बच्चों को बांटने की तैयारी की जा रही है, ताकि पुस्तकों कमी से पढ़ाई न बाधित हो। हालांकि कुछ जगहों पर पुरानी किताबों से बच्चों को पढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। इससे बच्चों को परेशानी हो है।

जनपद में संचालित कुल 1185 से परिषदीय विद्यालयों में लगभग ढाई लाख से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। इनके लिए विभिन्न विषयों की कुल लगभग 15 लाख से अधिक किताबों की आवश्यकता है, लेकिन अभी मात्र सात लाख किताबें ही पुस्तक भंडार को उपलब्ध हुई हैं। पहुंची पुस्तकों को बीआरसी पर भेजा जा रहा है ताकि बच्चों में किताबें वितरित हो जाएं।

जानकारी के अनुसार मुख्यालय पर सोमवार को उर्दू और इंग्लिश मीडियम की किताबें पहुंचीं, जिन्हें सुरक्षित पुस्तक भंडार में रखवा दिया गया है। यहां से शीघ्र बीआरसी को पुस्तकें भेजी जाएंगी ताकि बच्चों उपलब्ध सकें।

जिला पुस्तक केंद्र प्रभारी महेंद्र प्रसाद का दावा है कि शासन की ओर से विभिन्न विषयों की लगभग सात लाख पुस्तकें प्राप्त हो चुकी हैं। प्राप्त पुस्तकों को बीआरसी पर भेजा जा रहा है ताकि स्कूलों में पुस्तकें वितरित हो सकें। शेष पुस्तकों के आते ही वितरण सुनिश्चत कराने की कोशिश की जाएगी।

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