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एआरटीओ प्रशासन प्रणव झा बोले- अमित मौर्या नाम के फर्जी पत्रकार की है करतूत, दलाली के लिए बना रहा है दबाव
एआरटीओ प्रशासन प्रणव झा ने किया है। साथ ही मामले में किसी तरह की जांच के लिए हमेशा तैयार रहने की बात दोहराई है। वहीं अमिताभ ठाकुर को भी कोई जानकारी को परखकर कार्रवाई करने की नसीहत दी है।
 

चंदौली जनपद के परिवहन कार्यालय में सुविधा शुल्क की सूची जारी कर वायरल करने वाले तथाकथित पत्रकार व दलालों को संरक्षण देने वाले के नाम का खुलासा एआरटीओ प्रशासन प्रणव झा ने किया है। साथ ही मामले में किसी तरह की जांच के लिए हमेशा तैयार रहने की बात दोहराई है। वहीं अमिताभ ठाकुर को भी कोई जानकारी को परखकर कार्रवाई करने की नसीहत दी है।

चंदौली जिले के एआरटीओ प्रशासन प्रणव झा ने बताया कि यह एक सोची-समझी रणनीति के तहत विभाग को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। इस पूरे मामले में एक अमित मौर्या नाम का एक तथाकथित पत्रकार शामिल है। वह ऑफिस में जाकर खुद को पत्रकार कहता है। वह इसके दम पर चंदौली ही नहीं, बल्कि पूर्वांचल के कई जिलों में दलाली के लिए अपना सिक्का जमाना चाहता है। उसी के लिए यह मनगढ़ंत सूची लिखकर विभाग को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है।

एआरटीओ प्रशासन प्रणव झा ने कहा कि इस संबंध में पहले ही अमित मौर्या के काले करतूत की कॉपी बनाकर विभाग के साथ साथ मंत्री को भी प्रेषित की जा चुकी है। अमित मौर्या बनारस के आसापास का रहने वाला है। इसके पहले भी मिर्जापुर, सोनभद्र जिले में भी अपना सिक्का जमाने व गलत कार्य कराने के लिए प्रयास कर चुका है। वहां भी दाल नहीं गलने पर विभाग के खिलाफ इसी तरह की साजिश कर अधिकारियों को परेशान करने और विभाग को बदनाम करने का कार्य किया है।

एआरटीओ प्रशासन प्रणव झा ने कहा कि  मेरे चंदौली जिले में आने के बाद से ही चंदौली में भी उसने कई कार्य को करवाने के लिए एक दलाल रखने की पेशकश की थी, जिसे उनके द्वारा सिरे से खारिज कर दिया गया। साथ ही कहा कि जिस का काम होगा वह सीधे आएगा और मुझसे वह अपना काम करा सकता है। इसमें किसी अन्य की भूमिका की जरूरत नहीं है। वह इसी बात से वह बौखलाया है और जब यह जान गया कि यहां अब मेरी दाल गलने वाली नहीं है, तो बदनाम करने के लिए मनगढ़ंत सूची बनाकर वायरल कर दिया और विभाग को बदनाम करने की कोशिश करने लगा। 

एआरटीओ प्रशासन प्रणव झा का दावा है कि इस संबंध में उच्चाधिकारियों व मंत्री को पहले ही अवगत कराया जा चुका है। वह इस मामले की सच्चाई उजाकर करने के लिए जांच भी कराने की मांग कर रहे हैं। साथ ही साथ इस तरह की तथ्यहीन सूची को लेकर ट्वीट करने वाले अमिताभ ठाकुर को भी नसीहत देने का काम किया है और कहा है कि कम से कम इसकी जानकारी लेकर विश्वसनीयता की परख कर लेनी चाहिए थी।  ऐसे तथ्य हीन मामलों में पड़कर वह अपनी छवि को भी धूमिल कर रहे हैं।

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