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डीएफसीसी के अफसरों की जिद से साढ़े 3 घंटे की बैठक में भी नहीं निकला हल, गुस्सा गए मंत्रीजी
चंदौली जिले में बन रहे डीएफसीसी के रेलवे लाइन को पंडित दीनदयाल उपाध्याय यार्ड से व्यास नगर स्टेशन तक बनने वाले ऊपरवामी पुल को अमलीजामा पहनाने  के लिए मंत्री की उपस्थिति में लगभग 3:30 घंटे की हुई बैठक के बाद पुनः सर्वे कराने पर मामला अटका रहा
 

पुल बनाने में रेलवे की जमीन पर हुआ अतिक्रमण भी रोड़ा बन रहा है

पुल को बनाने में डीएफसीसी और गांव के लोगों की मदद बहुत ही महत्वपूर्ण है

चंदौली जिले में बन रहे डीएफसीसी के रेलवे लाइन को पंडित दीनदयाल उपाध्याय यार्ड से व्यास नगर स्टेशन तक बनने वाले ऊपरवामी पुल को अमलीजामा पहनाने  के लिए मंत्री की उपस्थिति में लगभग 3:30 घंटे की हुई बैठक के बाद पुनः सर्वे कराने पर मामला अटका रहा। 

 लोगों की फरियाद व समस्या को नहीं मानने और डीएफसीसी के अधिकारियों के अपनी जिद पर अड़े रहने के कारण डॉक्टर महेंद्र नाथ पांडेय ने जफरपुरवा गांव के किसानों की बात को ध्यान में रखते हुए रेलवे बोर्ड से फोन पर बात कर फिर से एक सर्वे कराकर इस गांव को बचाने के लिए पहल की।

 आपको बता दें कि जफरपुरवा गांव के बीचोबीच जाने वाली यह रेलवे लाइन के पुल को ग्रामीणों द्वारा बताए गए सुझाव को मंत्री जी ने ध्यान देते हुए डीएफसीसी के लोगों को निर्देशित किया कि यदि गांव के लोगों के बारे में भी ध्यान देकर कोई पहल की जाए तो कोई ना कोई रास्ता निकल सकता है। लेकिन रेलवे के मानक को ध्यान में रखते हुए मंत्री जी के साढ़े 3 घंटे तक चली बैठक के दौरान डीएफसीसी के अधिकारियों द्वारा हर तरह की प्लानिंग बताई जा रही थी लेकिन ग्रामीणों द्वारा उन प्लानिंग का काट तैयार करके उन्हीं के सामने प्रस्तुत कर दिया जा रहा था।

 इस दौरान मंत्री जी ने कम से कम क्षति होने की बात पर डीएफसीसी लाइन एवं मालगाड़ी को चलाने के लिए हर प्रयास हो रहे हैं लेकिन लोगों की समस्या का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। इस दौरान जफरपुरवा गांव की तरफ से बैठक में सम्मिलित सेवानिवृत्त रेल कर्मचारी रामसूरत यादव ने कहा कि 29 मकान नहीं, बल्कि सैकड़ों मकान इसकी जद में आ रहे हैं। अगर फ्लाईओवर ब्रिज को पहले से उठाकर बनाया जाए तो अधिक मकानों की क्षति नहीं होगी और फ्लाईओवर बनने में बनाने में राहत मिलेगी। इससे लोगों के परेशानी भी हल हो सकता  है। 

बता दे कि  इस ऊपर गामी पुल बनाने में रेलवे की जमीन पर हुआ अतिक्रमण भी रोड़ा बन रहा है। रेलवे ट्रैक के किनारे जुगाड़ की झोपड़ी एवं कई पीढ़ियों से बने पक्के मकान भी इस परियोजना के रोड़ा बन रहे हैं।
 
वहीं बैठक के दौरान जब अधिकारियों द्वारा किसी हल को नहीं निकाला जा सका तो मंत्री जी ने झलाते हुए कहा कि इस  बैठक भारत सरकार व जिले के जनता के हमदर्द के रूप में उपस्थित हुआ हूं। जिससे लोगों की मदद की जा सके, जिसे यदि इसी तरह लापरवाही पूर्ण तरीके से बैठक में कार्य करना है तो इस तरह की बैठक की कोई जरूरत नहीं है। इसलिए जनता के हित को ध्यान में रखते हुए पुनः सर्वे कराने निर्देश देते हुए कहा कि यदि पुल को कुछ पीछे से उठाया जाए तो क्या दिक्कत है।

 इन बातों पर पहल करते हुए इसका पुनःसर्वे कराया जाए और कोई छोटी मोटी दिक्कतें हो तो उन्हें कैसे ठीक किया जाएगा। इसके लिए टेक्नीशियन आदि से सलाह लेकर इस ऊपर गामी पुल को बनाने में डीएफसीसी और गांव के लोगों की मदद बहुत ही महत्वपूर्ण है।

 इस दौरान बैठक में डीएफसीसी डायरेक्टर प्लानिंग पंकज सक्सेना, डीआरएम डीडीयू नगर राजेश कुमार पांडेय, पूर्वी कारीडोर डीएफसीसी के महाप्रबंधक समन्वय अजीत मिश्रा, वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त आशीष मिश्रा, मुगलसराय विधायक रमेश जायसवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष अभिमन्यु सिंह, राणा प्रताप सिंह, सूर्यमणि तिवारी, शिव शंकर पटेल सहित जफरपुरवा गांव के लोग मौजूद रहे।