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काले कोयले की कालाबाजारी में नपेंगे कई लोग, अब जांच करेगी आर्थिक अपराध शाखा
उस दौरान पुलिस ने 24 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर 18 आरोपियों को जेल भेज दिया था। सोनभद्र पुलिस ने बताया था कि कोयला लदे ट्रकों को फर्जी प्रपत्रों के आधार पर चंदासी कोयला मंडी ले जाया जा रहा था।
 

आर्थिक अपराध शाखा को मिली कोयले की जांच

कोयले की कालाबाजारी का मामला

मुख्यमंत्री तक गयी थी शिकायत

चंदौली जिले के मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत चंदासी कोयला मंडी एक फिर से जांच की आंच से गर्म होने की संभावना दिखने लगी है। प्रदेश की खादानों से फर्जी तरीके से निकले कोयले की कालाबाजारी को लेकर थानों और कोतवालियों में दर्ज मुकदमों की जांच अब ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) करेगी। उस बारे में सोनभद्र जिले के चोपन, रॉबर्ट्सगंज समेत चंदौली के मुगलसराय कोतवाली में कोयला चोरी के कई मुकदमे दर्ज हैं।

बताया जा रहा है कि जनवरी 2022 को सोनभद्र जिले में चोपन, पिपरी और अनपरा की पुलिस ने चोरी की कोयला लदे 22 ट्रकों को पकड़ा था। उस दौरान पुलिस ने 24 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर 18 आरोपियों को जेल भेज दिया था। सोनभद्र पुलिस ने बताया था कि कोयला लदे ट्रकों को फर्जी प्रपत्रों के आधार पर चंदासी कोयला मंडी ले जाया जा रहा था।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस खुलासे के बाद कई सफेशपोश, व्यापारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। इसके बाद सोनभद्र पुलिस ने इस पूरे प्रकरण चंदौली से संबंधित बताकर पूरे मामले को जिले में ट्रांसफर दिया है।

 विभागीय सूत्रों के अनुसार इसकी जांच जिले की क्राइम ब्रांच को सौंपी गई, जिसमें पुलिस ने जांच के दौरान सामने आये बड़े व्यापारियों को क्लीन चिट देकर उन्हें किनारे कर दिया। इस प्रकरण में कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री से शिकायत की । मुख्यमंत्री ने इस प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए कोयला चोरी से जुड़े समस्त मामलों की जांच ईओडब्ल्यू को सौंप दी है। ऐसे में सोनभद्र और चंदौली जिले समेत प्रदेशभर में किसी भी थाने में दर्ज कोयला चोरी से समस्त मामलों की जांच ईओडब्ल्यू की टीम करेगी।

पूर्व पुलिस अधिकारी की भूमिका की जांच तेज
इस मामले में सोनभद्र में पकड़े गये कोयले की जांच चंदौली पहुंचे के बाद जांच टीम के दायरे में कुछ बड़े लोग आ गये थे। सूत्र बताते हैं कि उन्हें टीम ने क्लीन चिट देते हुए बाहर कर दिया था। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद शासन स्तर से एक वरिष्ठ अधिकारी को इस जांच के लिए भी नियुक्त किया गया है। सूत्रों के अनुसार जिले में तैनात रहे पुलिस के पूर्व अधिकारी भी इसके दायरे में आ सकते हैं। इनके उपर भी नकेल कसने वाली है।

इस मामले में  आर्थिक अपराधा शाखा के महानिदेशक राजकुमार विश्वकर्मा ने साफ साफ कहा है कि सोनभद्र और चंदौली जिले में कोयला चोरी के बाबत दर्ज मुकदमों की जांच ईओडब्ल्यू को सौंपी गई है। इसकी जांच बृहद पैमाने पर की जाएगी। कोयला चोरी से संबंधित सभी पहलुओं की जांच होगी और किसी को छोड़ा नहीं जाएगा।

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