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धान बेचने के लिए मारामारी कर रहे थे किसान, गेहूं बेंचने में किसानों की दिलचस्पी नहीं
चंदौली जिले में धान को बेचने के लिए मारामारी होती रहती है, लेकिन गेहूं बेंचने के लिए केन्द्र पर एक्का दुक्का लोग आ रहे हैं। सरकारी अफसरों की हीलाहवाली व संसाधनों की कमी से गेहूं की खरीद के कार्य में तेजी नहीं आ पा रही है
 

विभागीय अधिकारी व कर्मचारी उदासीन बने हुए हैं

धिकारी केवल निर्देश दे रहे हैं, लेकिन समस्याएं दूर नहीं हो पा रही

चंदौली जिले में धान को बेचने के लिए मारामारी होती रहती है, लेकिन गेहूं बेंचने के लिए केन्द्र पर एक्का दुक्का लोग आ रहे हैं। सरकारी अफसरों की हीलाहवाली व संसाधनों की कमी से गेहूं की खरीद के कार्य में तेजी नहीं आ पा रही है। कई केंद्रों पर किसान नहीं आ रहे हैं तो कहीं पर बोरे का अभाव दिख रहा है। कहीं-कहीं विभागीय अधिकारी व कर्मचारी उदासीन बने हुए हैं।

जिला मुख्यालय पर नवीन मंडी परिसर के दो केंद्रों पर ही खरीद का कार्य चल रहा है। ऐसे में किसानों को अपनी उपज की बिक्री को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि विभाग की ओर से जल्द ही बोरे की कमी को दूर करने का दावा किया जा रहा है। रबी के चालू सीजन में जनपद में 83,000 टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित है। अब तक 14 हजार किसानों ने अपना पंजीकरण कराया है। इसमें नौ हजार किसानों का आवेदन सत्यापित हो गया है। फिलहाल 47 क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद का कार्य चल रहा है। इसमें विपणन शाखा के 18, पीसीएफ के 19 व भारतीय खाद्य निगम का एक गेहूं क्रय केंद्र शामिल है। हालांकि शासन ने 50 गेहूं क्रय केंद्र खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

Genhoo Khareed Kendra Chandauli

किसानों का कहना है कि चंदौली जिले में धान की अपेक्षा गेहूं की पैदावर कम होती है। मौसम की मार के कारण अबकी बार गेहूं की फसल पर असर पड़ा है। कुछ किसान दलहन तिलहन की खेती करते हैं। इसकी वजह से जिले में धान की अपेक्षा गेहूं की पैदावर कम होगी। जिले में अभी बोरा भी दो-तीन दिनों में आने के लिए कहा जा रहा है। जब बोरा आएगा को तो गेहूं खरीद की असली हकीकत पता चलेगी।

चंदौली जिले में सोमवार को ही समीक्षा बैठक में सीडीओ अजितेंद्र नारायण ने बोरे की कमी को दूर करने का निर्देश दिया था, लेकिन इस ओर ठोस पहल नहीं हो पाई है। अधिकारी केवल निर्देश दे रहे हैं, लेकिन समस्याएं दूर नहीं हो पा रही हैं।

कई किसानों को पैसे की जरूरत है और बच्चों की पढ़ाई लिखायी व शादी ब्याह के खर्चों को लेकर अन्नदाता काफी चिंतित हैं। ऐसे में जिन किसानों ने अपनी उपज को घर पहुंचा दिया है। वह उपज की बिक्री को लेकर परेशान हैं। बावजूद इसके विभाग की ओर से इसमें तेजी नहीं दिखाई जा रही है।

वहीं जिले के उप जिला विपणन अधिकारी अनूप श्रीवास्तव का दावा है कि गेहूं खरीद के कार्य में तेजी लाने की कोशिशें तेज हो रही हैं। कई केंद्रों पर बोरे की कमी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।