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चंदौली जिले में शुरू हो गई डायलिसिस की सुविधा, किडनी के मरीजों का होगा इलाज
चंदौली जिले के जिला मुख्यालय पर अब किडनी आदि की बीमारी से निजात पाने के लिए डायलिसिस की सुविधा जिला मुख्यालय की स्थित हॉस्पिटल में पहली बार मिलना शुरू हो गई है। अब जिले के लोगों को डायलिसिस कराने के लिए कहीं अन्यत्र जाने की अब आवश्यकता नहीं होगी
 

हरिओम हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर में जनपद का पहला डायलिसिस सेंटर बनकर तैयार हो गया

 चंदौली जिले का पहला हॉस्पिटल बन गया है

चंदौली जिले के जिला मुख्यालय पर अब किडनी आदि की बीमारी से निजात पाने के लिए डायलिसिस की सुविधा जिला मुख्यालय की स्थित हॉस्पिटल में पहली बार मिलना शुरू हो गई है। अब जिले के लोगों को डायलिसिस कराने के लिए कहीं अन्यत्र जाने की अब आवश्यकता नहीं होगी। जिला मुख्यालय पर इसकी सुविधा प्रारंभ होते ही पहले मरीज की डायलिसिस भी की गयी। 

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 बताते चलें कि चंदौली जिला मुख्यालय व  जिला अस्पताल के पास स्थित हरिओम हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर में जनपद का पहला डायलिसिस सेंटर बनकर तैयार हो गया है। वैसे कहा जा रहा था कि चंदौली जिले में डायलिसिस की सुविधा की शुरुआत सरकारी अस्पताल में होना था और माना जा रहा था कि पंडित कमलापति त्रिपाठी जिला अस्पताल में यह सुविधा मिलेगी, लेकिन इसके पहले ही हरिओम हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर में इसकी सुविधा प्रारंभ हो गई है।
 
 बताया जा रहा है कि हरिओम हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर में आयुष्मान के गोल्डन कार्ड जैसी अन्य सुविधाओं को प्रदान करने व्यवस्था है। हरिओम हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर में अब डायलिसिस की सुविधा प्रारंभ होने से जिले में एक खास सुविधा की शुरुआत हो गयी है। हरिओम हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर ऐसी सुविधा देने वाला  चंदौली जिले का पहला हॉस्पिटल बन गया है ।

 कहा जा रहा है कि ज़िले में पहली बार डायलिसिस की सुविधा से शरीर में बढ़े हुए यूरिया और क्रिएटिनिन को घटाने में मरीज़ों को फ़ायदा मिलेगा। जब मरीज़ों की किडनी ख़राब हो जाती है या मरीजों में  यूरिन का कम या न बनना होता तो उन मरीज़ों को डायलिसिस की ज़रूरत होती है। यूरिया और क्रिएटिनिन बढ़ने से मरीज़ के शरीर में सूजन, सांस फूलना, पेशाब का कम मात्रा में होना आदि लक्षण मिलते है।

ऐसे मरीज़ों को जिले से हफ़्ते में 2 बार या तीन बार वाराणसी या अन्य बड़े शहरों में जाकर अपना डायलिसिस कराना होता था, पर अब उनको यह सुविधा चंदौली जिले के हरिओम हॉस्पिटल एवं ट्रॉमा सेंटर में ही मिल जाएगी।

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इस संबंध में हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर विवेक सिंह ने बताया कि किडनी के मरीजों तथा यूरिन से संबंधित रोगों के मरीजों को इस इलाज के लिए बनारस या अन्यत्र बड़े शहर  जाना नहीं पड़ेगा। ऐसे मरीजों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए इस हॉस्पिटल में डायलिसिस सुविधा शुरू की गई है। जनपद में  इस सुविधा का शुभारंभ पहली बार किसी हॉस्पिटल में हुआ है। यह जनपद आकांक्षी जनपद के रूप में जाना जाता है। इसलिए गरीब मरीजों को ध्यान में रखकर कम खर्च में यह सुविधा प्रदान की जाएगी।
 

इस सुविधा के प्रारंभ होते ही पहले मरीज के रूप में प्रदीप कुमार को यह सुविधा दी गयी है। इनकी डायलिसिस टेक्निशियन सुशील ने की तथा डॉ आनंद यादव एमबीबीएस एमडी देखरेख में संपन्न कराया गया है। यह जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।