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रेशम कीट एवं मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में रोजगार के अवसर, ऐसे उठाएं लाभ

 जिलाधिकारी ने नहरों की सिल्ट सफाई अभियान चलाकर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जर्जर व निष्प्रयोज्य नहरों के पुल की चिन्हित करें और नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें। 
 

विभागीय समीक्षा मीटिंग में नहीं आते अफसर

दो अधिकारियों को नोटिस जारी

उपस्थित अफसरों को दिए निर्देश

 

चंदौली जिले में कृषि कार्यों के लिए संस्थागत किस्त की सुविधा उठाने के लिए विभिन्न फसलों (कृषि एवं औद्यानिक ), पशुपालन, मुर्गीपालन, मत्स्य पालन इत्यादि कार्यक्रमों में सस्ते ऋण के लिए जनपद स्तर पर वित्तमान वार्षिक रूप से निर्धारित किये जाते है। शासन द्वारा चालू वित्तीय वर्ष में मधुमक्खी पालन एवं रेशम पालन पर यह सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। मधुमक्खी पालन एवं रेशम पालन के लिए वार्षिक वित्तमान निर्धारण के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक शुक्रवार को आयोजित की गयी।
    

इस मीटिंग में मधुमक्खी पालन (50 मान गृह तथा 50 मान वंश) के लिये वित्तमान की दर एक लाख एवं टसर सिल्क के उत्पादन के लिए रू0 2.50 लाख प्रति हेक्टेयर वित्तमान को स्वीकृति प्रदान की गयी। जिन किसान भाईयों को रेशम उत्पादन अथवा मधुमक्खी पालन का व्यवसाय करना हो वे अपनी निकटतम बैंक की शाखा से सम्पर्क कर सस्ती दरों पर बैंक ऋण का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

 कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि कृषकों को दी जा रही यंत्रों की जानकारी और अनुदान राशि का लाभ से अवगत कराया जाय। इसका व्यापक प्रचार-प्रसार संबंधित अधिकारीगण सुनिश्चित करें। सरकार के द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजना कृषि हेतु चलाई जा रही सभी स्कीमों का व्यापक प्रचार प्रसार सुनिश्चित हो।
        

जिलाधिकारी द्वारा जिला भूमि एवं जल संरक्षण व मिशन समिति की बैठक में समिति में कृषि विभाग, उद्यान विभाग, मत्स्य विभाग, पशुपालन विभाग की लाभार्थीपरक व जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को सफल क्रियान्वयन हेतु निर्देशित किया।

 जिलाधिकारी ने नहरों की सिल्ट सफाई अभियान चलाकर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जर्जर व निष्प्रयोज्य नहरों के पुल की चिन्हित करें और नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें।  जिलाधिकारी ने आईजीआरएस पोर्टल पर विभागवार डिफाल्टर संदर्भों की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतकर्ता से अवश्य वार्ता करें। किसी भी दशा में डिफॉल्टर श्रेणी में न जाने पाए।

बैठक में रेशम विभाग के अफसर व अग्रणी बैंक प्रबंधक बैठक में अनुपस्थित रहने पर स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए।
           
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अजितेंद्र नारायण, उप निदेशक कृषि, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य, अपर अग्रणी बैंक प्रबंधक सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।

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