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टिकैत ने प्रधानमंत्री के गंगा प्रेम पर किया बड़ा खुलासा, इसी से देश को अकाल की ओर ले जा रहे मोदी
आज किसानों की महापंचायत को संबोधित करने के लिए आए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मंच से किसानों को आजादी की लड़ाई लड़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि किसानों को अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी।
 

आंदोलन के लिए किसानों में भरा जोश

ट्रैक्टर-टैंकर-ट्विटर से महा आंदोलन में विजय की बतायी बात

चंदौली जिले में किसान भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों की महापंचायत को संबोधित करते हुए जिला मुख्यालय पर कहा कि अब आंदोलन का समय आ गया है। इसके लिए देश के किसानों और नौजवानों को तैयार हो जाने की जरूरत है। इस आंदोलन के लिए केवल तीन चीजों की आवश्यकता होगी। इन तीन चीजों में ट्रैक्टर, टैंकर तथा टि्वटर शामिल हैं। अब इन्हीं तीनों के माध्यम से आंदोलन की लड़ाई लड़ी जाएगी।

Rakesh Tikait

 बता दें कि जिला मुख्यालय स्थित एक निजी लॉन में आज किसानों की महापंचायत को संबोधित करने के लिए आए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मंच से किसानों को आजादी की लड़ाई लड़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि किसानों को अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी। उसके लिए तीन चीज की आवश्यकता पड़ेगी। जिसमें उन्होंने बताया कि किसान को सबसे बड़ी जरूरत पड़ती है ट्रैक्टर की, जो की खेती भी करने के काम आता है। यह आंदोलन में खास भूमिका अदा करेगा। इसलिए अपने ट्रैक्टर को आंदोलन के लिए हमेशा तैयार रखना चाहिए। जिससे हम आंदोलन की लड़ाई लड़ सकें।

वहीं दूसरी चीज उन्होंने बताया कि टैंकर की जरूरत पड़ती है, जो नौजवान हैं और सेना में भर्ती होते हैं उनके लिए टैंकर चलाना सीख ले तो आजादी की लड़ाई लड़ी जा सकती है। वही जनपद का बेरोजगार नौजवान ट्रैक्टर और ट्विटर दोनों चलाना सीख ले तो आजादी का यह मुक्ति का अभियान और तेजी से लड़ा जा सकता है। यह आजादी की लड़ाई है, जिसमें इन तीनों चीजों की आवश्यकता पड़ेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इसके ऊपर बैन लगाने के लिए अगर दुर्घटना हुई तो ट्रैक्टर पर चलना बंद कर दें। लेकिन पुल टूटा तो पुल को बनाना नहीं बंद कर रही है। कहीं न कहीं यह किसानों के आंदोलन किसानों को कमजोर  करने की साजिश है।

 उन्होंने मंच से यह भी कहा कि भारत के प्रधानमंत्री जब वाराणसी आए थे तो उन्होंने कहा था कि हमें वाराणसी के लोग नहीं  बुलाए हैं, न ही प्रदेश के लोग बुलाए हैं, हमें गंगा मैया ने बुलाया है और इसलिए मैं गंगा मैया के लिए यहां आया हूं।

टिकैत ने कहा कि गंगा मइया के लिए आये मोदी जी के बारे में एक बात का खुलासा करते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री गंगा में  नहाने जा रहे थे, तो उनके नहाने के लिए सरकार की ओर से लगभग 6.30 करोड़ रुपए के खर्च हुए थे। उन्होंने ठेकेदार और लोगों के नाम बताने से इंकार कर दिए और कहा कि जब इस गंगा मैया में 16 टैंकरों से गर्म पानी भी छोड़ा गया था, ताकि नार्मल टेंपरेचर में मोदीजी स्नान कर सकें। टिकैत ने कहा कि जब गंगा में अगर गर्म पानी छोड़ा जाएगा तो देश अकाल की तरफ जाएगा ही।  इसमें उन्होंने यह भी बताया कि एक ज्योतिषी के द्वारा बताया गया है कि गंगा में यह काम किया गया है, जिसके कारण देश हमारा अकाल की तरफ जा रहा है।

टिकैत ने मोदी के गुजरात मॉडल की बात करने वाले लोगों पर भी भड़ास निकाली और कहा कि वह निजीकरण की तरफ जा रहा है। वहां की पुलिस के लोगो निजी नौकरी करते हैं और उसके बाद बिजली और कपड़े की दुकान पर जाकर काम करते हैं।

इसी मंच से उन्होंने प्रदेश की राजधानी पर 26 नवंबर को होने वाले आंदोलन के लिए किसानों का आह्वान भी किया है। कहा कि यह किसानों की लड़ाई है जिसके लिए सभी किसान अपने काम को छोड़कर उस दिन अपनी लड़ाई लड़ने के लिए जरूर उपस्थित हों।

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