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योगी सरकार की प्राथमिकता में नहीं है यह काम, विधानसभा में सवाल उठाने पर नहीं मिला रेडियोलॉजिस्ट
चकिया जिला संयुक्त चिकित्सालय में लगी अल्ट्रासाउंड मशीन रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती न होने से पिछले डेढ़ वर्ष से शोपीस बनी हुई है। अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति के लिए विधायक कैलाश खरवार ने विधानसभा आवाज उठाने के साथ स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र भी लिख चुके हैं।
 

अस्पताल में डेढ़ वर्ष से शोपीस बनी है मशीन

डियोलॉजिस्ट की तैनाती न होने से बाहर दौड़ रहे हैं मरीज

कैलाश खरवार ने उठाया था विधानसभा में सवाल

चंदौली जिले के चकिया जिला संयुक्त चिकित्सालय में लगी अल्ट्रासाउंड मशीन रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती न होने से पिछले डेढ़ वर्ष से शोपीस बनी हुई है। अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति के लिए विधायक कैलाश खरवार ने विधानसभा आवाज उठाने के साथ स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र भी लिख चुके हैं। इसके बाद भी विभाग का कोई अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। जिससे लोगों को इसकी सुविधा नहीं मिल पा रही है और मशीन पड़े पड़े खराब हो रही है। 

जिला संयुक्त चिकित्सालय की ओपीडी में प्रतिदिन 400 से 500 मरीज आते हैं। जिनमें से कई मरीजों की अल्ट्रासाउंड जांच चिकित्सकों द्वारा लिखी जाती है। इसी को देखते हुए चिकित्सालय में तीन वर्ष पूर्व अल्ट्रासाउंड मशीन लगाकर रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर की तैनाती की गई थी। डेढ़ वर्ष पहले अल्ट्रासाउंड के रेडियोलॉजिस्ट का तबादला हो जाने के बाद चिकित्सालय में उनके स्थान पर अब तक किसी की नियुक्ति नहीं हो पाई है।

 इस स्थिति को देखते हुए क्षेत्रीय विधायक कैलाश खरवार ने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया और रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति की मांग की। परंतु अब तक रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो पाई है। इससे लगता है कि इस तरह के कार्य सरकार की प्राथमिकता में नहीं हैं।

इस संबंध में सीएमएस डॉ. अजय कुमार गौतम ने कहा कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन के संचालन के लिए रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए कई बार निदेशालय को सूचित किया जा चुका है लेकिन अभी तक तैनाती नहीं हो पाई है। अब यह सुविधा मिलना या न मिलना उच्चाधिकारियों के हाथ में है।

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