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बाबूलाल ने पोस्टमार्टम हाउस जाकर की परिजनों की मदद, पुलिस की मनमानी से परेशान थे मृतक के रिश्तेदार
चंदौली जिले के नाथूपुर गांव के रहने वाले अशोक कुमार यादव उर्फ कल्लू यादव पहलवान के परिजनों को सोमवार की शाम पोस्टमार्टम हाउस पर जमकर हंगामा करना पड़ा
 

पुलिस की लापरवाही से नहीं हो रहा था पोस्टमार्टम

 सपा नेता पहुंचे तो पता चली पुलिस की बड़ी लापरवाही

अफसरों को फोन किया तो...

 

चंदौली जिले के नाथूपुर गांव के रहने वाले अशोक कुमार यादव उर्फ कल्लू यादव पहलवान के परिजनों को सोमवार की शाम पोस्टमार्टम हाउस पर जमकर हंगामा करना पड़ा, क्योंकि पुलिस द्वारा जानबूझकर लाश के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में सहयोग नहीं किया जा रहा था और संबंधित कागजात पोस्टमार्टम हाउस तक नहीं पहुंचाए गए थे।

पुलिस की लापरवाही और मनमानी की जानकारी होते ही समाजवादी पार्टी के कई नेता पूर्व प्रमुख बाबूलाल के साथ मौके पर पहुंच गए और परिजनों की समस्याओं का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन के आला अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से बातचीत की, तब जाकर मामला शांत हुआ।

 

Ashok Yadav Postmortem

बताया जा रहा है कि नाथूपुर गांव के रहने वाले अशोक कुमार यादव उर्फ कल्लू पहलवान के सोमवार की दोपहर सिंघीतालम के पास सड़क दुर्घटना में नेशनल हाईवे पर मौत हो गई थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल में तो भेज दिया, लेकिन देर शाम तक लाश की पोस्टमार्टम नहीं हो पाई, क्योंकि पुलिस ने संबंधित कागजात वहां तक नहीं भेजे थे। अपने परिजन को खोने की पीड़ा के बीच पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद लोगों ने पुलिस की लापरवाही से नाराज होकर हंगामा करना शुरू कर दिया। जैसे ही इस मामले की जानकारी पूर्व प्रमुख बाबूलाल व समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष सत्यनारायण राजभर और संयुक्त के जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर यादव को हुई सभी लोग एकजुट होकर मौके पर पहुंच गए और पोस्टमार्टम कराने के लिए अफसरों से बात की।

Ashok Yadav Postmortem

इस मौके पर मौजूद कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि हम लोग काफी देर तक परेशान हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई सहयोग नहीं किया जा रहा है। ऐसे में हम किससे इनकी शिकायत करें। हालांकि पूर्व प्रमुख बाबूलाल के द्वारा सीएमओ से तत्काल बातचीत की गई और पुलिस महकमे के आला अफसरों को भी इस बात की जानकारी दी गई। इसके बाद पोस्टमार्टम की कार्यवाही संपन्न कराई गई। तब जाकर परिजन शांत हुए।