जिले का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टलMovie prime

न्याय के बदले चौकी इंचार्ज ने दी 'एनकाउंटर' की धमकी, गंगा रेती में रहने को मजबूर पीड़ित परिवार।

चंदौली के बलुआ थाना क्षेत्र में पुलिसिया उत्पीड़न का सनसनीखेज मामला सामने आया है। महुअर चौकी इंचार्ज पर रिश्वत लेने और न्याय मांगने पर 'एनकाउंटर' की धमकी देने का आरोप लगा है, जिससे खौफजदा पीड़ित परिवार घर छोड़कर गंगा की रेती में शरण लेने को मजबूर है।

 
 

महुअर चौकी इंचार्ज पर रिश्वतखोरी का आरोप

पीड़ित को दिनदहाड़े एनकाउंटर करने की धमकी

घर का रास्ता बंद, गंगा रेती में गुजारा

आईजी स्तर तक शिकायत, फिर भी इंसाफ नहीं

दबंगों और पुलिस की मिलीभगत से बिजली कटी

चंदौली जनपद के बलुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत महुअर पुलिस चौकी क्षेत्र से एक हृदयविदारक मामला सामने आया है। जहाँ रक्षक ही भक्षक की भूमिका में नजर आ रहे हैं। एक पीड़ित परिवार दबंगों के जुल्म और महुअर चौकी इंचार्ज यज्ञ नारायण यादव की कथित धमकियों के चलते अपना आशियाना छोड़ने को मजबूर हो गया है। स्थिति इतनी भयावह है कि यह परिवार अब चिलचिलाती धूप और असुरक्षित माहौल के बीच गंगा की रेती में अस्थायी रूप से रहने को विवश है।

रिश्वत लेकर भी रास्ता नहीं खुला, विरोध पर मिली मौत की धमकी
पीड़ित का आरोप है कि पड़ोसी दबंगों ने उसके घर जाने का मुख्य रास्ता दीवार खड़ी कर बंद कर दिया है। जब इस मामले की शिकायत महुअर चौकी इंचार्ज से की गई, तो आरोप है कि उन्होंने रास्ता खुलवाने के नाम पर पीड़ित से 10,000 रुपये की मांग की। पीड़ित ने न्याय की उम्मीद में पैसे दे दिए, लेकिन काम होने के बजाय चौकी इंचार्ज ने दबंगों का साथ देना शुरू कर दिया। जब पीड़ित ने अपने पैसों और इंसाफ की बात की, तो चौकी इंचार्ज ने उसे दिनदहाड़े "एनकाउंटर" (काउंटर) करने की सीधी धमकी दे डाली।

सिस्टम से हारा पीड़ित, आईजी तक लगाई गुहार
पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने स्थानीय थाने से लेकर जिला कप्तान और आईजी स्तर तक न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन पुलिसिया तंत्र ने अपनी कमियां छिपाने के लिए फर्जी फोटो खींचकर शिकायतों का फर्जी निस्तारण दिखा दिया। हद तो तब हो गई जब दबंगों ने पुलिस की शह पर पीड़ित के घर का बिजली कनेक्शन भी काट दिया, जिससे परिवार पूरी तरह से लाचार और असहाय हो गया है।

प्रशासनिक संवेदनशीलता पर उठ रहे सवाल
यह मामला न केवल स्थानीय पुलिस की साख पर बट्टा लगा रहा है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि एक आम नागरिक के लिए इंसाफ पाना कितना कठिन हो गया है। जहाँ एक तरफ प्रदेश सरकार 'जीरो टॉलरेंस' की नीति का दावा करती है, वहीं चंदौली में पुलिस पर एनकाउंटर की धमकी देकर मामले दबाने के आरोप लग रहे हैं। अब देखना यह है कि उच्च अधिकारी इस मामले में महुअर चौकी इंचार्ज पर क्या कार्रवाई करते हैं और पीड़ित परिवार को सुरक्षित घर वापसी और इंसाफ कब तक मिल पाता है।

Tags

चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*