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रेवसां में भारतमाला परियोजना के कार्य में बाधा डालने वालों पर मुकदमा, वीडियो देखकर पहचाने जा रहे लोग

आरोप है कि हमलावरों ने लाठी-डंडे, ईंट-पत्थर और धारदार हथियारों का उपयोग किया, कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी, और मौके पर मौजूद सरकारी वाहनों में भी तोड़फोड़ की।
 

भारतमाला परियोजना पर बवाल करने वालों की खैर नहीं

चंदौली के रेवसां में अफसरों के साथ हिंसक झड़प

कई लोगों पर नामजद पर केस दर्ज

सरकारी कार्य में बाधा डालने पर इन धाराओं में हो रही है कार्रवाई

कर्मचारियों की तहरीर पर आधा दर्जन नामजद व अज्ञात पर मुकदमा दर्ज 

चंदौली जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र के रेवसां गांव में काशी-कोलकाता भारतमाला परियोजना के तहत चल रहे कार्य के दौरान गुरुवार शाम को एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। परियोजना के कर्मचारियों और स्थानीय ग्रामीणों के बीच उपजा यह मतभेद जल्द ही हिंसक संघर्ष में बदल गया। ग्रामीणों द्वारा काम का विरोध करने और कथित रूप से हमला करने के मामले में, अलीनगर पुलिस ने परियोजना कर्मचारियों की शिकायत पर कार्रवाई की है। पुलिस ने आधा दर्जन से अधिक नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इस घटना के बाद, जिला और तहसील प्रशासन ने आंदोलनकारियों पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है, ताकि सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों को रोका जा सके।

यह विडियो भी देखें -

परियोजना कर्मचारियों की शिकायत
दिल्ली के निवासी पवन कुमार यादव, जो भारतमाला परियोजना में कार्यरत हैं, ने पुलिस को लिखित शिकायत दी। उन्होंने बताया कि गुरुवार शाम लगभग 5 बजे परियोजना के अधिकारी और कर्मचारी रेवसां गांव में अपना कार्य कर रहे थे। उसी समय, कुछ स्थानीय ग्रामीण अचानक वहां पहुंचे और कार्य का जोरदार विरोध शुरू कर दिया। कर्मचारियों से बातचीत के दौरान स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और विरोध कर रहे ग्रामीणों का समूह उग्र हो उठा।

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इन लोगों पर होगी कार्रवाई
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संजय यादव, विपिन यादव, अभिषेक कुमार, दुर्गेश यादव, समीम सिद्दीकी, अलाउद्दीन, कैलाश गौड़ सहित कई अज्ञात ग्रामीणों ने एक साथ मिलकर परियोजना टीम पर सुनियोजित तरीके से हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने लाठी-डंडे, ईंट-पत्थर और धारदार हथियारों का उपयोग किया, कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी, और मौके पर मौजूद सरकारी वाहनों में भी तोड़फोड़ की।

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विरोध का कारण और पुलिस कार्रवाई
इस अचानक हुए हिंसक हमले से कार्यस्थल पर अफ़रातफ़री मच गई और लोक शांति व्यवस्था भंग हो गई। पुलिस ने कर्मचारियों द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण के आधार पर संबंधित कानूनी धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार, रेवसां गांव में भारतमाला परियोजना के लिए हो रहे भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य का ग्रामीण लंबे समय से विरोध कर रहे हैं, जो इस हिंसक झड़प की जड़ है।

अलीनगर थाना प्रभारी अनिल पांडेय ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि पुलिस घटना में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान करने में जुटी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और कानून व्यवस्था भंग करने वाले दोषियों के खिलाफ जल्द ही कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिससे अन्य लोगों को एक सबक मिल सके।

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