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चंदौली में बिजली संकट पर आर-पार: बीजेपी नेता ने दी DM को 72 घंटे की चेतावनी, नहीं सुधरे हालात तो होगा आमरण अनशन

 चंदौली में बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से परेशान होकर भाजपा युवा मोर्चा के नेता जैनेंद्र दुबे ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि 3 दिन में समाधान न होने पर वे कलेक्ट्रेट में आमरण अनशन करेंगे।

 
 

72 घंटे में बिजली सुधार का अल्टीमेटम

लो वोल्टेज से 200 परिवार परेशान

भ्रष्ट बिजली अधिकारियों पर गंभीर आरोप

कलेक्ट्रेट में होगा बड़ा आमरण अनशन

अलीनगर फीडर की बदतर बिजली व्यवस्था

उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में बिजली की खराब व्यवस्था को लेकर अब सत्तापक्ष के भीतर से ही विरोध के स्वर उठने लगे हैं। भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के मंडल मंत्री जैनेंद्र दुबे ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुँचकर जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग से मुलाकात की और जिले में चल रही बिजली की मनमानी को लेकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।

भाजपा नेता ने जिलाधिकारी को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अगले 72 घंटों के भीतर बिजली की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे अपने सहयोगियों के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठने के लिए मजबूर होंगे।

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लो-वोल्टेज और कटौती से जनता त्रस्त
जैनेंद्र दुबे ने विशेष रूप से अलीनगर फीडर का मुद्दा उठाया, जिसे कलेक्ट्रेट परिसर स्थित उपकेंद्र से बिजली मिलती है। उन्होंने बताया कि इस फीडर से जुड़े हजारों उपभोक्ता लगातार बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की मार झेल रहे हैं। यही हाल बसनी गांव का भी है, जहाँ लंबे समय से लो-वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। जनप्रतिनिधियों से बार-बार कहने के बावजूद आज तक गांव के ट्रांसफार्मर की क्षमता नहीं बढ़ाई गई। इस कारण लगभग 200 परिवारों के साथ-साथ छात्र-छात्राओं की पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

अफसरों की कार्यशैली पर खड़े किए सवाल
भाजपा नेता ने बिजली विभाग के कुछ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कुछ अधिकारियों की खराब कार्यशैली के कारण सरकार की अच्छी योजनाएं धरातल पर ठीक से लागू नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने डीएम को बताया कि इन अधिकारियों की लापरवाही की वजह से आम जनता में सरकार के प्रति असंतोष बढ़ रहा है। दुबे ने साफ कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा डालने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है, ताकि जनता को राहत मिल सके।

साथियों के साथ आंदोलन की तैयारी
मुलाकात के दौरान जैनेंद्र दुबे के साथ विजय शंकर मिश्रा, दिनेश कुमार गोंड, दीपक कुमार यादव, कालिका यादव, हरिराम पांडेय और भूपेंद्र मिश्रा भी मौजूद रहे। इन सभी ने एक सुर में कहा कि बिजली विभाग की मनमानी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब देखना यह है कि प्रशासन इस 72 घंटे के अल्टीमेटम के बाद क्या कार्रवाई करता है। फिलहाल, भाजपा नेता के इस कड़े रुख ने जिले के बिजली विभाग के अधिकारियों की नींद उड़ा दी है और कलेक्ट्रेट परिसर में आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है।

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