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विधायक क्यों बोले- मैं सुशील सिंह हूं, एक ही नोटिस में सब ठीक हो जाएंगे
चंदौली जिले की सैयदराजा विधानसभा सीट के विधायक सुशील सिंह ने चंदौली समाचार के साथ खास बातचीत की है और उन्होंने मीडिया में उड़ रही कई तरह की अफवाहों पर अपना पक्ष रखा है।
 

सुशील सिंह के खिलाफ उड़ रही कई अफवाह

हर एक सवाल पर साफ साफ पढ़ लीजिए

विधायक जी का खरा खरा जवाब

चंदौली जिले की सैयदराजा विधानसभा सीट के विधायक सुशील सिंह ने चंदौली समाचार के साथ खास बातचीत की है और उन्होंने मीडिया में उड़ रही कई तरह की अफवाहों पर अपना पक्ष रखा है। साथ ही साथ चुनाव लड़ने को लेकर उन्होंने अपना इरादा साफ कर दिया है। 

चंदौली समाचार से बातचीत करते हुए विधायक सुशील सिंह ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से मीडिया में आपराधिक किस्म के राजनेताओं और जनप्रतिनिधियों पर एक रिपोर्ट प्रकाशित करके तमाम तरह की खबरें घड़ी जा रही हैं और जनप्रतिनिधियों के चुनाव लड़ने पर तरह-तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। इन सब खबरों में उनका भी नाम घसीटा जा रहा है, जिसमें तनिक भी कोई सच्चाई नहीं है। उनके ऊपर अब न तो कोई मुकदमा है तो ऐसी स्थिति में सजा या सुनवाई का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। जो भी लोग इस तरह की खबरें छाप रहे हैं। वह पूरी तरह से फर्जी और मनगढ़ंत हैं। उनके ऊपर फिलहाल कोई केस पेंडिंग नहीं है, जब केस ही नहीं होगा तो आरोप सिद्ध होने और सजा होने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। 

सुशील सिंह बोले-

इन अफवाह व फर्जी खबरें गढ़ने वाली एजेंसियों के पास कोई कामकाज नहीं है, इसलिए यह लोग फर्जी और मनगढ़ंत तरीके से अनावश्यक खबरें बिना किसी साक्ष्य के प्रस्तुत कर दिया करते हैं। अगर एक एजेंसी को नोटिस भेज दिया जाए तो सारे लोग ठीक हो जाएंगे। मीडिया व एजेंसी को टिकट थोड़े ही देना है कि वह यह सब तय कर देगा। टिकट देना या कटना पार्टी का काम है और पार्टी मेरे बारे में सब कुछ जानती है।

सैयदराजा ही मेरी पसंद, बाकी पार्टी की मर्जी

सैयदराजा विधानसभा सीट बदले जाने के सवाल पर सुशील सिंह ने साफ-साफ कह दिया कि वह भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं और पार्टी ही डिसाइड करेगी कि कौन कहां से चुनाव लड़ेगा। सुशील सिंह कोई निर्दलीय विधायक नहीं है कि जहां से चाहे वहां से चुनाव लड़ लें। सैयदराजा की जनता को साफ साफ शब्दों में जानकारी देते हुए कहा कि सैयदराजा मेरी पहली पसंद है और वह 5 सालों से सैयदराजा क्षेत्र की जनता की सेवा कर रहे हैं। वह सैयदराजा से ही चुनाव लड़ना पसंद करेंगे। लेकिन अगर पार्टी किसी खास वजह से उन्हें किसी और जगह भी भेजेगी तो पार्टी का आदेश मानकर वह कहीं और भी चुनाव लड़ जायेंगे। 

उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं होने जा रहा है। अगर ऐसा कुछ भी होगा तो पार्टी सैयदराजा विधानसभा से उन्हें कहीं और भेजने के पहले एक बार उनकी राय जरूर लेगी और अगर पार्टी उनकी राय लेती हैं तो उनकी पहली पसंद सैयदराजा ही होगी। 

..तो वहां से तैयारी करने वाले कहां जाएंगे

सुशील सिंह ने साफ-साफ कहा कि अगर मैं सैयदराजा की जगह कहीं और चुनाव लड़ने के लिए कहूंगा तो जो लोग उस विधानसभा क्षेत्र में पिछले 5 साल या उससे भी अधिक समय से तैयारी कर रहे हैं.. वह सारे लोग कहां जाएंगे। इस तरह की सारी खबरें निराधार और केवल अफवाह या चर्चा मात्र हैं।

 कुछ जगहों पर यह चर्चा जरूर होती है कि भारतीय जनता पार्टी में सुशील सिंह ही इकलौते नेता हैं, जो सकलडीहा विधानसभा क्षेत्र में जाकर प्रभु नारायण सिंह यादव को हरा सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह खुद सकलडीहा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहते हैं। यह जनता की फीलिंग व बात है। यह चर्चा का विषय बन जाता है। ऐसा इसलिए भी होता होगा क्योंकि वह दो बार प्रभुनारायण सिंह यादव को हरा चुके हैं। वह सैयदराजा के विधायक हैं और सैयदराजा से ही चुनाव लड़ेंगे। बाकी सब पार्टी के हाथों में हैं। 

..जिसको गलत लगे जांच कर ले

सुशील सिंह ने विद्यालयों में विधायक निधि के उपयोग और दुरुपयोग पर भी साफ-साफ तरीके से अपनी बात रखी और कहा कि जो लोग विधायकों की निधि पर सवाल उठाते हैं उन्हें अपना रिकॉर्ड भी देख लेना चाहिए। मैं सैयदराजा के विधायक के रुप में केवल उन विद्यालयों पर पैसे दिए हैं, जहां पर उसकी जरूरत थी। जहां पर बच्चों का भविष्य बेहतर हो सकता है या वहां पर पढ़ाई के लिए कुछ चीजों की जरूरत थी। ऐसे जगहों पर विधायक निधि का उपयोग होना ही चाहिए। यह भारतीय जनता पार्टी की सरकार की भी मंशा है। शिक्षा में सुधार के लिए या शिक्षण संस्थान की बेहतरी के लिए मदद करना कोई गलत बात नहीं है। मेरे द्वारा जो भी निधि जारी की गई है, उसकी कोई भी जाकर जांच कर सकता है। जहां पर काम हुआ है, वहीं पर निधि गई है। बाकी आरोप लगाने वाले लोगों की बातों में कोई सच्चाई नहीं है। 

सुशील सिंह बोले-

मैं अन्य विधायकों की बात नहीं करता कि कौन क्या कर रहा है और अपनी निधि का उपयोग कहां कर रहा है, लेकिन मैं सुशील सिंह हूं। मैं अपनी निधि का दुरुपयोग नहीं होने देता और जहां पर जरूरत है। वहां पर ही मदद करता हूं।

कार्यालय वहीं चलता रहेगा

सैयदराजा में कार्यालय पर भी साफ शब्दों में कहा कि कार्यालय जहां चलता था फिलहाल वहीं चलता रहेगा। उसके मकान मालिक व उसके पिता ने इसकी परमीशन दी है। आरोप लगाने वाले व शिकायत करने वालों की बातों में कोई दम नहीं है। सच्चाई सबके सामने है। कोई भी जाकर मकान देने वाले व्यक्ति से बात कर सकता है। जहां तक मकान व जमीन को लेकर विवाद की बात है। वह भाइयों का आपसी विवाद है, उसे निपटाना उनका अपना काम है। इस मामले में वह दखलंदाजी नहीं करते हैं।