नौगढ़ में नई दुल्हन के चक्कर में घर-घर दौड़ रहे हैं BLO साहब, जानिए क्या है पूरा मामला
मतदाता सूची सुधार अभियान के दौरान चर्चा
नई दुल्हन के चक्कर में घर-घर दौड़ रहे हैं BLO साहब
दुल्हन का विवरण भी फॉर्म भरने में आ रही खास परेशानी
पुरानी 2003 की मतदाता सूची बनी सहारा
चंदौली जिले के तहसील नौगढ़ में मतदाता सुधार अभियान में बीएलओ साहब को सबसे बड़ी चुनौती नई-नई दुल्हनों का विवरण जुटाने में सामने आ रही है। शादी के बाद आई महिलाओं की सही-सही जानकारी न मिलने के कारण मतदाता सूची सुधार की पूरी प्रक्रिया धीमी पड़ गई है। BLO एक-एक फॉर्म भरने में कई घंटे लगा रहे हैं, लेकिन अधूरी जानकारी मिलने से ऑनलाइन सबमिशन की गति लगभग रुक सी गई है। इस स्थिति ने अधिकारियों और BLO की दिनचर्या को भी प्रभावित किया है और लक्ष्य पूरा करना कठिन बना दिया है।
BLO के लिए बढ़ गया है सर दर्द
विकास खंड नौगढ़ के बूथ संख्या 367 और 368 पर BLO और शिक्षक पूरी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन परिवार के लोग अक्सर विवरण देने में देरी करते हैं। नई दुल्हन के विवरण के लिए जब उनसे विधानसभा कोड, माता-पिता का नाम और पहचान पत्र पूछा जा रहा है, तो अधिकतर घर वाले यही कहते हैं, अभी तो ब्याह कर आई है, बाद में बताएंगे। इसी कारण BLO को कई बार एक ही परिवार पर दो-तीन दिन तक फॉलोअप करना पड़ता है। यह लंबी प्रक्रिया BLO के समय और ऊर्जा दोनों को प्रभावित कर रही है और काम की गति धीमी कर रही है।
पुरानी 2003 की मतदाता सूची बनी सहारा
कई नई दुल्हनों का नाम ऑनलाइन रिकॉर्ड में नहीं मिल रहा है, जिससे अधिकारियों को 2003 की मतदाता सूची खोलकर नाम और पता मिलाना पड़ रहा है। यह काम अत्यंत समय-साध्य और थकाऊ साबित हो रहा है। एक फॉर्म पूरा करने में 2–3 घंटे का समय लग जाता है, जिससे रोजाना निर्धारित लक्ष्य पूरा करना चुनौतीपूर्ण बन जाता है। ऐसे में BLO को लगातार ध्यान और धैर्य बनाए रखना पड़ता है।
पहचान पत्र मिलते ही फॉर्म मिनटों में भर सकते हैं
प्रधानाध्यापक और पर्यवेक्षक लालजी भारती ने कहा कि यदि परिवार नई दुल्हनों का माता-पिता का पहचान पत्र, पुराना मतदाता विवरण और निर्वाचन क्षेत्र/विधानसभा कोड उपलब्ध कराए तो BLO मिनटों में फॉर्म भरकर ऑनलाइन सबमिट कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जिनके फॉर्म पूरी जानकारी के साथ आते हैं, उनका तुरंत सबमिशन हो रहा है, जबकि अधूरी जानकारी वाले फॉर्म लंबित हैं। इस स्थिति से यह स्पष्ट है कि परिवारों का सहयोग अभियान की सफलता के लिए निर्णायक है।
खंड विकास अधिकारी मांग रहे हैं जनता का सहयोग
खंड विकास अधिकारी अमित कुमार ने कहा कि सोशल इंटेंसिव रिवीजन तभी समय पर पूरा होगा, जब लोग शादी के बाद आई दुल्हनों की सटीक जानकारी तुरंत उपलब्ध कराएंगे। अन्यथा BLO को गांव-गांव दौड़ना पड़ेगा और अभियान की रफ्तार धीमी पड़ जाएगी। इसलिए, परिवारों की भागीदारी इस पूरे अभियान में केंद्रीय भूमिका निभा रही है और उनका सहयोग सफलता की गारंटी बन सकता है।
शादी जल्दी हुई, पहचान पत्र देर से मिला, दौड़ रहे हैं बीएलओ
सोशल इंटेंसिव रिवीजन में नई दुल्हनों की जानकारी जुटाने का काम इतना पेचीदा हो गया है कि BLO कभी-कभी हंसते-हंसते थक जाते हैं।
घर वाले कहते हैं — “दुल्हन तो आई है, पहचान पत्र बाद में देंगे। और वही बाद में वाला जवाब BLO के लिए घंटों का इंतजार बन जाता है।
कई बार अधिकारियों को फॉर्म पूरा करने के लिए गांव-गांव दौड़ना पड़ रहा है, जबकि दुल्हनों की पूरी जानकारी मिलते ही काम मिनटों में पूरा हो जाता है। यह व्यंग्य सच में बताता है कि मतदाता सूची सुधार अभियान में छोटी-छोटी जानकारी कितनी बड़ी बाधा बन सकती है।
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