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चंदौली में खाद माफियाओं पर नकेल: कृषि विभाग की छापेमारी, 26 सेंटर की जांच और 17 नमूने सील

चंदौली में रबी फसलों की बुवाई के बीच खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। 26 उर्वरक केंद्रों पर छापेमारी के दौरान 17 नमूने लिए गए, वहीं लापरवाही बरतने वाले केंद्रों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

 
 

26 उर्वरक केंद्रों का औचक निरीक्षण

खाद के कुल 17 नमूने लिए गए

रजिस्टर अपडेट न होने पर नोटिस

जनपद में खाद का पर्याप्त स्टॉक

किसानों से कैश मेमो लेने की अपील

चंदौली जनपद में रबी की फसलों की बुवाई का सीजन चरम पर है, जिसे देखते हुए किसानों को निर्धारित दरों पर खाद उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। शासन एवं जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के सख्त निर्देशों के अनुपालन में कृषि विभाग और अन्य विभागों की संयुक्त टीमों ने तहसील स्तर पर उर्वरक बिक्री केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य उर्वरकों की कालाबाजारी रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को किसी भी प्रकार की आर्थिक लूट का शिकार न होना पड़े। जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ हुई इस छापेमारी से उर्वरक व्यापारियों में हड़कंप का माहौल देखा गया।

Chandauli Samchar

नियमों की अनदेखी पर दो केंद्रों को नोटिस
निरीक्षण के दौरान जिला कृषि अधिकारी ने पाया कि कई केंद्रों पर सरकारी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। जांच के दौरान 'मेसर्स दिव्यांश कृषि सेवा केंद्र, डेढगांवा' में रेट बोर्ड प्रदर्शित न होने और वितरण रजिस्टर अपडेट न पाए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई। वहीं, 'मेसर्स घपरी फर्टिलाइजर' द्वारा स्टॉक एवं वितरण रजिस्टर प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इन दोनों प्रतिष्ठानों की कार्यप्रणाली को संदिग्ध मानते हुए प्रशासन ने तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो इन केंद्रों के लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

नमूनों की जांच करके होगी
प्रशासनिक टीम ने गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कुल 26 उर्वरक केंद्रों का निरीक्षण किया और विभिन्न खादों के 17 नमूने ग्रहित किए। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है ताकि मिलावटी खाद की संभावना को समाप्त किया जा सके। जिला प्रशासन ने किसानों को आश्वस्त किया है कि जनपद में खाद की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में जिले में यूरिया का 13792 मैट्रिक टन और डीएपी का 5280 मैट्रिक टन से अधिक स्टॉक उपलब्ध है। इसके अलावा एनपीके, पोटाश और एसएसपी की भी पर्याप्त मात्रा गोदामों में मौजूद है, जिससे किसानों को बुवाई के लिए परेशान होने की आवश्यकता नहीं है।

किसानों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश
कृषि विभाग ने किसान भाइयों से अपील की है कि वे अपनी रबी फसलों की बुवाई के समय केवल संस्तुति मात्रा में ही उर्वरकों का प्रयोग करें। अनावश्यक रूप से खाद का भंडारण न करें ताकि सभी को आसानी से खाद मिल सके। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी उर्वरक केंद्र से खरीदारी करने के बाद दुकानदार से कैश मेमो (पक्की रसीद) अवश्य प्राप्त करें। यदि कोई दुकानदार निर्धारित दर से अधिक मूल्य मांगता है या रसीद देने में आनाकानी करता है, तो इसकी सूचना तुरंत कृषि विभाग के कार्यालय में दें ताकि संबंधित के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जा सके।

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