UP सब-जूनियर कुश्ती में चमका नौगढ़ का आर्यन, 45 किलो वर्ग में सिल्वर जीतकर खोला नेशनल कैंप का रास्ता
नौगढ़ के खेलो इंडिया सेंटर से निकले युवा पहलवान आर्यन ने कौशांबी में आयोजित UP सब-जूनियर कुश्ती में 45 किलो ग्रीको-रोमन वर्ग में सिल्वर मेडल जीता है। अब उनके नेशनल कैंप में चुने जाने की राह भी साफ हो गई है।
नौगढ़ के आर्यन ने जीता सिल्वर
45 किलो ग्रीको रोमन में परचम
कौशांबी कुश्ती प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन
चंदौली के पहलवान की बड़ी उपलब्धि
नेशनल कैंप के लिए राह खुली
जिस नौगढ़ इलाके में बड़े शहरों जैसी चमचमाती खेल सुविधाएं नहीं हैं और जहाँ सीमित संसाधनों के बीच खिलाड़ी पसीना बहाते हैं, वहीं से निकले एक युवा पहलवान ने पूरे उत्तर प्रदेश में अपना नाम चमका दिया है। नौगढ़ के खेलो इंडिया सेंटर में अभ्यास करने वाले आर्यन ने कौशांबी में आयोजित UP सब-जूनियर कुश्ती प्रतियोगिता में 45 किलो ग्रीको-रोमन वर्ग में सिल्वर मेडल (रजत पदक) जीतकर अपने जिले का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
21 से 23 अगस्त तक चला मुकाबलों का दौर
कौशांबी में 21 से 23 अगस्त तक सब-जूनियर कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन हुआ था। इसमें प्रदेश भर के अलग-अलग जिलों से आए दिग्गज पहलवान अपनी ताकत दिखाने पहुंचे थे। 45 किलो ग्रीको-रोमन वर्ग में आर्यन ने अपनी चाल, दांव-पेच और दम-खम से सभी विरोधियों को चित किया और फाइनल तक का रास्ता तय कर सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया।
अभावों के बीच तैयार हुआ अखाड़े का हीरो
आर्यन की इस जीत की सबसे खास बात उनका संघर्ष है। नौगढ़ जैसे इलाके में प्रैक्टिस के लिए आधुनिक उपकरण और बड़े शहरों जैसे अखाड़े नहीं हैं। लेकिन सीमित सुविधाओं के बावजूद आर्यन की लगन और सपने कभी छोटे नहीं पड़े। मैट छोटी जरूर थी, मगर नौगढ़ के इस लाल की मेहनत ने अखाड़े में सबका दिल जीत लिया।
फाइनल में चूका गोल्ड, पर साबित किया दम
आर्यन ने टूर्नामेंट की शुरुआत से ही शानदार खेल दिखाया। वह फाइनल मुकाबले तक पहुंचे, हालांकि वहां गोल्ड मेडल हाथ से जरूर फिसल गया। लेकिन सिल्वर जीतकर आर्यन ने यह दिखा दिया कि नौगढ़ की मिट्टी और मेहनत में प्रदेश स्तर के बड़े पहलवान तैयार करने का पूरा जज्बा है।

अब नेशनल कैंप में दांव आजमाने का मौका
रजत पदक जीतने के बाद आर्यन के लिए नेशनल कैंप के दरवाजे भी खुलने लगे हैं। उपक्रीड़ा अधिकारी इरशाद अहमद ने आर्यन के प्रदर्शन की सराहना की और बताया कि उसकी परफॉर्मेंस रिपोर्ट आगे भेजी जा रही है। उनका कहना है कि आर्यन में आगे बढ़ने का बेहतरीन टैलेंट है और अगर सही सपोर्ट मिले तो वह देश के लिए भी पदक ला सकता है।
चंदौली को अब देनी होगी प्रतिभा को उड़ान
आर्यन ने अपना काम अखाड़े में पसीना बहाकर कर दिया है। अब जरूरत इस बात की है कि नौगढ़ की इस प्रतिभा को अच्छी डाइट, बेहतर ट्रेनिंग और जरूरी सामान मिले। पूरा चंदौली आज उम्मीद कर रहा है कि आर्यन का यह सिल्वर मेडल कल देश की नेशनल जर्सी पहनने की शुरुआत साबित हो।
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