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चंदौली के शिक्षा माफियाओं पर DM का एक्शन: 8वीं की मान्यता पर चल रहे थे 12वीं तक के स्कूल, BSA ने पकड़ा खेल

चंदौली में डीएम के आदेश पर बीएसए के औचक निरीक्षण ने शिक्षा जगत में हड़कंप मचा दिया है। चार ऐसे स्कूलों का खुलासा हुआ है जो कक्षा 8 की मान्यता पर अवैध रूप से 12वीं तक की कक्षाएं संचालित कर रहे थे।

 
 

डीएम चंद्र मोहन गर्ग के निर्देश पर छापेमारी

8वीं की मान्यता पर 12वीं की पढ़ाई का खुलासा

छात्रों का नामांकन कहीं और, पढ़ाई अनाधिकृत स्कूल में

चार बड़े स्कूलों को विभागीय नोटिस जारी

नियमों के उल्लंघन पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई

चंदौली के जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के सख्त रुख के बाद जिले में अवैध रूप से संचालित हो रहे स्कूलों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में 11 अप्रैल 2026 को बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) सचिन कुमार ने विकास खंड सदर के अंतर्गत आने वाले पांच मान्यता प्राप्त विद्यालयों का अचानक निरीक्षण किया। इस आकस्मिक कार्रवाई से स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह जांचना था कि क्या विद्यालय शासन द्वारा निर्धारित मानकों और मान्यता के अनुरूप ही कार्य कर रहे हैं।

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जांच में खुली नियमों की धज्जियां
निरीक्षण के दौरान केवल आलोक इंटर कॉलेज ही मानकों पर खरा उतरा, जिसे कक्षा 1 से 12 तक की वैध मान्यता प्राप्त है। इसके विपरीत, चार अन्य प्रमुख स्कूलों—तपोवन विद्यालय, फोनिक्स स्कूल, इंडियन पब्लिक स्कूल और सूर्या जूनियर हाई स्कूल—में भारी अनियमितताएं पाई गईं। इन सभी विद्यालयों के पास केवल कक्षा 8 तक के संचालन की अनुमति थी, लेकिन धरातल पर यहाँ कक्षा 9 से 10 और कुछ जगहों पर कक्षा 12 तक की पढ़ाई धड़ल्ले से कराई जा रही थी।

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छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का खेल
जब बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कक्षा 9 से 12 के छात्रों से पूछताछ की, तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। छात्रों ने बताया कि उनका औपचारिक नामांकन तो अन्य मान्यता प्राप्त स्कूलों में है, लेकिन वे कोचिंग या डमी स्कूल की तर्ज पर इन अनाधिकृत केंद्रों में पढ़ाई कर रहे थे। विद्यालय प्रबंधन और प्रधानाध्यापक इस गंभीर अनियमितता पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। यह सीधे तौर पर शिक्षा नियमों का उल्लंघन और छात्रों के भविष्य के साथ जोखिम भरा खेल है।

विभागीय नोटिस और सख्त चेतावनी
मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएसए सचिन कुमार ने तत्काल प्रभाव से इन चारों स्कूलों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विद्यालय केवल उन्हीं कक्षाओं का संचालन करें जिनकी उनके पास वैध मान्यता है। बीएसए ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में दोबारा बिना मान्यता के कक्षाएं चलती पाई गईं, तो संबंधित प्रबंधकों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और विद्यालय को पूरी तरह सील करने जैसी विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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