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चंदौली मेडिकल कॉलेज : सुबह से लगी रहती है मरीजों की कतार, डॉक्टर आते हैं 11 बजे

चंदौली जिले के पंडित कमलापति त्रिपाठी जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीज कतार में लग जाते हैं, लेकिन डॉक्टर 10-11 बजे तक ही पहुंचते हैं। महिला अस्पताल और जांच केंद्र भी देर से खुलते हैं, जिससे दूर-दराज से आए मरीजों को ठंड में घंटों इंतजार करना पड़ता है।
 

चंदौली जिला अस्पताल ओपीडी समय समस्या


 बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज डॉक्टर देर से आते


 अस्पताल में मरीजों की कतार चंदौली


 ओपीडी समय को लेकर भ्रम चंदौली


 महिला अस्पताल ओपीडी देरी चंदौली

चंदौली जिले के पंडित कमलापति त्रिपाठी जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ सुबह से ही लग जाती है। खासकर जब से यह अस्पताल बाबा कीनाराम स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध हुआ है, तब से बिहार के कैमूर और अन्य जिलों के साथ-साथ चंदौली के दूर-दराज के मरीज यहां इलाज के लिए आने लगे हैं। ठंड के मौसम में लोग सुबह छह से सात बजे तक पर्ची काउंटर पर कतार में खड़े हो जाते हैं।

पर्ची काउंटर का हाल
सुबह 7:55 बजे स्वास्थ्य कर्मी सुनील कुमार पहुंचते हैं और करीब बीस मिनट तक कंप्यूटर अपडेट करने के बाद 8:10 बजे पर्ची देना शुरू करते हैं। मरीज पर्ची लेकर चिकित्सकों के चेंबर की ओर जाते हैं, लेकिन वहां ताला लटका मिलता है या कुर्सी खाली रहती है। यह स्थिति अक्सर देखने को मिलती है।

डॉक्टरों की देर से आने की आदत में सुधार नहीं
अस्पताल में सफाई कर रहे कर्मियों ने बताया कि डॉक्टर साहब 10 से 11 बजे तक ही आते हैं। मेडिकल कॉलेज परिसर में भी यही स्थिति रहती है। कई चेंबर में मरीजों की लाइन लगी रहती है, लेकिन चिकित्सक देर से पहुंचते हैं। कर्मचारी पर्ची जमा कर मरीजों को इंतजार करने के लिए कहते हैं।

महिला अस्पताल और जांच केंद्र का हाल
महिला अस्पताल में भी सुबह नौ बजे तक चिकित्सकों के चेंबर खाली रहते हैं। पर्ची काउंटर पर सन्नाटा पसरा रहता है और महिला मरीज चिकित्सकों का इंतजार करती रहती हैं। स्टाफ नर्स ने बताया कि डॉक्टर नौ बजे के बाद ही ओपीडी में बैठते हैं। अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी केंद्र भी देर से खुलते हैं, जिससे मरीजों को अतिरिक्त परेशानी होती है।

chandauli district hospital

ओपीडी समय को लेकर प्रिंसिपल व सीएमओ में भ्रम
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमित सिंह का कहना है कि सर्दी के मौसम में ओपीडी सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक चलती है। वहीं, मरीजों की सुविधा के लिए पर्ची काउंटर सुबह आठ बजे से शुरू होकर 1:30 बजे तक बंद कर दिया जाता है। उन्होंने सभी चिकित्सकों और कर्मियों को समय से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. युगल किशोर राय ने कहा कि अभी तक तो ओपीडी का समय सुबह आठ से दो बजे तक ही माना जाता रहा है। यदि कोई बदलाव हुआ है तो जानकारी लेकर बताया जाएगा।

विभागवार चिकित्सकों की स्थिति

मेडिकल कॉलेज में विभिन्न विभागों में चिकित्सकों की संख्या इस प्रकार है:--

मेडिसिन: 17

बाल रोग: 11

सर्जरी: 09

महिला रोग: 07

अस्थि रोग: 11

चर्म रोग: 07

मानसिक रोग: 05

नेत्र रोग: 07

दंत रोग: 07

लेटलतीफी से मरीजों को हो रही है परेशानी
दूर-दराज से आने वाले मरीजों को ठंड में कई घंटों तक इंतजार करना पड़ता है। ओपीडी समय को लेकर भ्रम और डॉक्टरों की देरी से मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। इमरजेंसी में तैनात चीफ फार्मासिस्ट रामजीयावन का कहना है कि ओपीडी सुबह आठ से दो बजे तक चलती है। वहीं, प्राचार्य का दावा है कि ओपीडी नौ बजे से शुरू होती है। जिला अस्पताल के सीएमएस भी आठ बजे का समय बताते हैं, लेकिन मेडिकल कॉलेज के नाम पर कुछ भी कहने से बचते हैं।

चंदौली जिला अस्पताल और संबद्ध मेडिकल कॉलेज में ओपीडी समय को लेकर स्पष्टता की कमी और डॉक्टरों की देरी से मरीजों को भारी परेशानी हो रही है। ठंड में सुबह से कतार में खड़े मरीजों को समय पर इलाज न मिलना स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर समस्या को उजागर करता है। प्रशासन को इस अव्यवस्था को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
 

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