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एक्सप्रेसवे बनेगा या उजड़ेंगे परिवार? चिरईगांव में जुटे किसानों ने कहा- किसी भी कीमत पर नहीं देंगे कृषि भूमि

चंदौली के चिरईगांव में विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए उपजाऊ कृषि भूमि के अधिग्रहण के विरोध में किसानों ने महाबैठक की। भारतीय किसान संगठन के नेतृत्व में किसानों ने एकजुट होकर बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार की है।

 
 

विंध्य एक्सप्रेसवे भूमि अधिग्रहण का विरोध

चिरईगांव में हुई किसानों की बैठक

हजारों परिवारों की आजीविका पर संकट

वैकल्पिक मार्ग खोजने की उठी मांग

धरना-प्रदर्शन और आंदोलन की तैयारी

चंदौली जिले के ग्राम सभा चिरईगांव में गुरुवार को किसानों के हितों से जुड़े एक बेहद संवेदनशील मुद्दे पर बड़ी बैठक बुलाई गई। भारतीय किसान संगठन के पदाधिकारियों और स्थानीय किसानों की इस साझा बैठक में प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना को लेकर गंभीर चर्चा हुई। एक्सप्रेसवे के लिए क्षेत्र की उपजाऊ तीन फसली कृषि भूमि के अधिग्रहण की संभावित योजना पर सभी ने गहरी चिंता जताई।

आजीविका छीनने का सता रहा डर
बैठक को संबोधित करते हुए किसान वक्ताओं ने कहा कि विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए शासन स्तर से जिन इलाकों का चयन किया जा रहा है, वहां की जमीन बेहद उपजाऊ है। यदि सरकार ने इस कृषि योग्य भूमि का जबरन अधिग्रहण किया, तो हजारों किसान परिवारों के सामने रोटी-रोजी का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों ने आरोप लगाया कि यह कदम उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ जैसा है।

वैकल्पिक मार्ग तलाशने की उठी मांग
किसान नेताओं ने साफ लहजे में कहा कि किसान अपनी जमीन को सिर्फ एक संपत्ति या टुकड़ा नहीं मानते, बल्कि यह उनकी आजीविका और जीवन का असली आधार है। किसानों की सहमति और उनके हितों की अनदेखी करके किसी भी तरह की जमीन लेने की प्रक्रिया को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस परियोजना के लिए किसी बंजर या वैकल्पिक मार्ग पर विचार किया जाए।

संगठन ने दिया आर-पार की लड़ाई का संदेश
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय किसान संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष सारनाथ सिंह ने की। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि संगठन उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार है। बैठक का संचालन कर रहे अशोक सिंह ने भी सभी किसानों से एकजुट रहने और अपने हक के प्रति जागरूक रहने की अपील की।

बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार
बैठक के अंत में सामूहिक रूप से निर्णय लिया गया कि विंध्य एक्सप्रेसवे के नाम पर उपजाऊ जमीन को बचाने के लिए जल्द ही एक बड़ा जनजागरण अभियान शुरू किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने की रणनीति भी बनाई गई है। इस दौरान प्रमुख रूप से जयशंकर सिंह प्रधान, जनार्दन सिंह, महेश्वर सिंह, संत विलास सिंह, जीतेन्द्र यादव, अरुण सिंह और अशोक सिंह समेत भारी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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