अब सब्जी उत्पादन से आत्मनिर्भर बनेंगे चंदौली के किसान, 120 हेक्टेयर में खेती के लिए उद्यान विभाग ने खोला पिटारा
चंदौली जिले में किसानों की आय दोगुनी करने के लिए उद्यान विभाग ने 'एकीकृत बागवानी विकास मिशन' के तहत 120 हेक्टेयर में सब्जी उत्पादन का लक्ष्य रखा है। पात्र किसानों को प्रति हेक्टेयर 24 हजार रुपये की सब्सिडी मिलेगी।
120 हेक्टेयर में सब्जी उत्पादन लक्ष्य
किसानों को ₹24,000 प्रति हेक्टेयर अनुदान
लौकी, करेला और टमाटर की खेती
सामान्य व एससी वर्ग हेतु आरक्षण
किसानों की आय बढ़ाने की बड़ी पहल
चंदौली जिले में आर्थिक रूप से कमजोर किसानों की माली हालत सुधारने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उद्यान विभाग ने एक बड़ी योजना तैयार की है। 'एकीकृत बागवानी विकास मिशन' (Integrated Horticulture Development Mission) के अंतर्गत अब जिले के किसानों को पारंपरिक फसलों के बजाय सब्जी उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से जिले में कुल 120 हेक्टेयर भूमि पर उन्नत किस्म की सब्जियों की खेती कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

सब्जी उत्पादन से बढ़ेगी किसानों की आय
उद्यान विभाग की इस पहल के तहत किसानों को लौकी, करेला, तरूई और टमाटर जैसी अधिक मांग वाली सब्जियों की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ये ऐसी फसलें हैं जो कम समय में तैयार हो जाती हैं और बाजार में इनकी मांग साल भर बनी रहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि गेहूं और धान जैसी पारंपरिक फसलों की तुलना में सब्जियों की खेती किसानों को कई गुना अधिक मुनाफा दे सकती है। इससे न केवल स्थानीय बाजारों में ताजी सब्जियों की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, बल्कि जिले की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
ऐसे हैं निर्धारित लक्ष्य और जानिए पात्रता के नियम
योजना को पारदर्शी और समावेशी बनाने के लिए विभाग ने भूमि चयन को वर्गवार विभाजित किया है। यहां सामान्य वर्ग के लिए 100 हेक्टेयर भूमि का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के लिए 20 हेक्टेयर भूमि आरक्षित की गई है।
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र दुबे ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास खतौनी के अनुसार कम से कम 16 बिस्वा कृषि भूमि होना अनिवार्य है। आवेदन के लिए किसानों को आधार कार्ड, बैंक पासबुक और भूमि से संबंधित अद्यतन खतौनी जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
₹24,000 प्रति हेक्टेयर का मिलेगा सरकारी अनुदान
इस योजना का सबसे आकर्षक पहलू किसानों को मिलने वाली आर्थिक सहायता है। चयनित किसानों को सब्जी उत्पादन के लिए प्रति हेक्टेयर 24 हजार रुपये का अनुदान डीबीटी (DBT) के माध्यम से दिया जाएगा। यह धनराशि किसानों को उन्नत बीज, जैविक खाद, कीटनाशक दवाइयों और अन्य आवश्यक कृषि निवेशों की लागत वहन करने में सहायक सिद्ध होगी।
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
उद्यान विभाग की इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य जिले के किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है। डॉ. दुबे के अनुसार, दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पात्र किसानों का चयन किया जाएगा और उन्हें तकनीकी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना को लेकर स्थानीय किसानों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। कई प्रगतिशील किसानों का कहना है कि सरकारी अनुदान और विभागीय मार्गदर्शन मिलने से वे अब बड़े पैमाने पर व्यावसायिक सब्जी उत्पादन की ओर कदम बढ़ा सकेंगे।
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