जिले का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टलMovie prime

जिले के कई ऑक्सीजन प्लांट में जम रही धूल, ढाई वर्ष से लगा है ताला, जरूरत पर दे सकते हैं धोका

जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और जिला संयुक्त चिकित्सालयों सहित 11 अस्पतालों में लाखों रुपये से लगे ऑक्सीजन प्लांट के ताले ढाई वर्ष बाद भी नहीं खुल पाए हैं।
 

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर बने हैं प्लांट

जिला संयुक्त चिकित्सालयों में की गयी व्यवस्था

जिले भर में बनाए गए हैं 11 ऑक्सीजन के प्लांट

देखभाल करके इनको सक्रिय रखने की है जरूरत

चंदौली जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और जिला संयुक्त चिकित्सालयों सहित 11 अस्पतालों में लाखों रुपये से लगे ऑक्सीजन प्लांट के ताले ढाई वर्ष बाद भी नहीं खुल पाए हैं। ऐसे में लगी मशीनों को नियमित चलाकर इसको अपडेट रखने की जरूरत है। कहा जा रहा है कि ऐसी मशीनों की नियमित रखरखाव और देखभाल बहुत जरूरी है, नहीं तो काम के समय मशीनें धोखा दे सकती हैं।


आपको बता दें कि ज्यादातर प्लांटों के ताले खुले ही नहीं। ऐसे में आशंका है कि जब जरूरत पड़ेगी तो कहीं मशीन साथ छोड़ न दे। हालांकि विभाग का दावा है कि नियमित देखरेख और तकनीकी कमियों को टेक्नीशियन द्वारा दूर किया जाता है।

जानकारी के अनुसार कोरोना के समय मे ऑक्सीजन के अभाव में सैकड़ों लोगों की जान चली गई। उस समय ऑक्सीजन के लिए लोग परेशान थे। वही ऊंचे दामों पर भी खरीदारी की और ऑक्सीजन की व्यवस्था की। ताकि मरीज ठीक हो सकें। इसके बावजूद भी ऑक्सीजन की भारी कमी रही। इस कमी को दूर करने के लिए जनप्रतिनिधियों की ओर से विशेष पहल की गई और सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट की व्यवस्था की गई। अब किसी भी सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी नहीं है और ना ही इससे लोगों को परेशानी हो रही है। 

इस समय सरकारी चिकित्सकों की सलाह पर सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन की व्यवस्था पर्याप्त मात्रा में हो गई है।

चंदौली जनपद में स्वास्थ्य विभाग के ओर से लगभग 11 अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट की व्यवस्था की गई है। पंडित कमलापति संयुक्त जिला चिकित्सालय के परिसर में ऑक्सीजन के तीन प्लांट बनाए गए, जिसमें दो प्लांटों का संचालन किया जा रहा है। इनकी उत्पादन क्षमता 400 लीटर की है, लेकिन 1000 लीटर के बनाए गए प्लांट का संचालन अभी तक नहीं किया जा रहा है। 

इस सम्बन्ध मे प्लांट प्रभारी विपिन सिंह ने कहा कि आवश्यकता होने पर बड़े प्लांट को चलाया जा सकता है, लेकिन दोनों प्लांट सुचारू रूप से ऑक्सीजन की सप्लाई कर रहे हैं। वहीं जिले में धानापुर, भोगवारा, चकिया, मैढ़ी, नौगढ़ सीएचसी, रेलवे और दो जिला संयुक्त चिकित्सालयों में चंदौली तीन और चकिया में दो प्लांट स्थापित हैं।

वहीं लाखों के खर्च से बने बड़े ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना ढाई वर्ष पहले हुई है, लेकिन उद्घाटन के बाद आज तक उनके ताले नहीं खुले हैं। जबकि इन प्लांटों के लंबे समय से न चलने के कारण इसमें खराबी आ सकती है।

चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*