केजी नंदा हॉस्पिटल में महिला का हाई वोल्टेज ड्रामा, डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोप, बुलानी पड़ी पुलिस
चंदौली के चर्चित केजी नंदा हॉस्पिटल में वाराणसी की एक महिला द्वारा जमकर हंगामा किया गया। डॉक्टर पर पहले देखने का दबाव बनाने और फिर बदतमीजी के आरोप लगाने के बाद मौके पर 112 पुलिस पहुँची। मरीजों ने महिला के आरोपों को निराधार बताया है।
केजी नंदा हॉस्पिटल में पुलिस एंट्री
वाराणसी की महिला का भारी हंगामा
डॉक्टर आनंद प्रकाश पर गंभीर आरोप
मरीजों ने दी डॉक्टर के पक्ष में गवाही
अस्पताल में घंटों मचा रहा हड़कंप
चंदौली जिले के प्रसिद्ध केजी नंदा हॉस्पिटल में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब अस्पताल परिसर में अचानक 112 नंबर की पुलिस वैन दाखिल हुई। पुलिस को देखकर वहाँ मौजूद मरीजों और उनके तीमारदारों में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, वाराणसी से आई एक महिला मरीज और डॉक्टर के बीच उपचार की बारी को लेकर हुए विवाद ने इतना तूल पकड़ा कि मामला पुलिस तक जा पहुँचा। घटना के दौरान अस्पताल में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, जो इस हंगामे को देखकर तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे।
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इसलिए शुरू हुआ था विवाद
मामले की जड़ में वाराणसी से आई महिला भारद्वाज का व्यवहार बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला ने अस्पताल पहुँचकर डॉक्टर आनंद प्रकाश तिवारी पर अपनी बारी से पहले इलाज करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब डॉक्टर ने नियमों का हवाला देते हुए क्रमानुसार मरीज देखने की बात कही, तो महिला उग्र हो गई। बताया जा रहा है कि महिला ने शुरुआत में गलत पता बताकर अपनी फाइल बनवाई और रिपोर्ट भी कराई, लेकिन बाद में डॉक्टर के केबिन में घुसकर फाइलों के साथ छेड़छाड़ करने लगी। केबिन से बाहर निकलते ही महिला ने ऊँची आवाज में चिल्लाकर डॉक्टर पर बदतमीजी और लाइट बंद करने जैसे सनसनीखेज आरोप लगाने शुरू कर दिए।
महिला ने बुलाई पुलिस और डॉक्टर ने दी सफाई
हंगामा बढ़ता देख और भीड़ को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए महिला ने तत्काल 112 पर फोन कर पुलिस को सूचित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित किया। डॉक्टर आनंद प्रकाश तिवारी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि महिला द्वारा लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से निराधार और उन्हें बदनाम करने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हैं। डॉक्टर ने हाथ जोड़कर महिला से शांति बनाए रखने और फीस वापस लेकर जाने का भी आग्रह किया था, लेकिन महिला हंगामा करने पर उतारू रही। डॉक्टर का कहना है कि इतने सारे मरीजों और स्टाफ की मौजूदगी में किसी के साथ दुर्व्यवहार करना संभव ही नहीं है।
प्रत्यक्षदर्शियों और मरीजों ने बयां की सच्चाई
दिलचस्प बात यह रही कि अस्पताल में मौजूद अन्य महिला मरीजों ने डॉक्टर का समर्थन किया और हंगामे के लिए महिला को जिम्मेदार ठहराया। मौके पर मौजूद पुष्पा सिंह ने बताया कि महिला ने स्वयं डॉक्टर से झगड़ा किया और फाइलें टटोलने की कोशिश की। वहीं आकांक्षा यादव और नगमा खातून ने बताया कि वे सभी अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, लेकिन वह महिला जबरन आगे आने की कोशिश कर रही थी और विरोध करने पर बदतमीजी करने लगी। पुलिस ने मौके पर जाँच-पड़ताल करने और गवाहों के बयान सुनने के बाद महिला को समझा-बुझाकर वापस भेज दिया। इस घटना ने एक बार फिर डॉक्टरों की सुरक्षा और अस्पताल में होने वाले इस तरह के अवांछित विवादों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
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