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मुफ्त टीकाकरण का सातवां चरण: चंदौली में पशुपालन विभाग की बड़ी मुहिम, 10 मार्च तक घर-घर पहुंचेगी टीम

चंदौली में पशुओं को घातक बीमारियों से बचाने के लिए खुरपका-मुंहपका (FMD) टीकाकरण का सातवां चरण शुरू हो गया है। 22 जनवरी से 10 मार्च तक चलने वाले इस अभियान में 3.16 लाख पशुओं का मुफ्त टीकाकरण होगा।

 
 

22 जनवरी से 10 मार्च तक महाभियान

3.16 लाख गोवंशीय पशुओं का लक्ष्य

चार माह से ऊपर के पशुओं को टीका

टीकाकरण पूरी तरह निशुल्क और सुरक्षित

कोल्ड चेन मेंटेनेंस के साथ टीमें रवाना

चंदौली में पशुओं को घातक बीमारियों से बचाने के लिए खुरपका-मुंहपका (FMD) टीकाकरण का सातवां चरण शुरचंदौली जनपद में पशुओं को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत 'खुरपका-मुंहपका' (FMD) टीकाकरण के सातवें चरण का भव्य शुभारंभ गुरुवार, 22 जनवरी 2026 को किया गया। मुख्य पशुचिकित्साधिकारी (CVO) डॉ. योगेश कुशवाहा ने विकास खण्ड सदर से टीकाकरण टीमों को हरी झंडी दिखाकर फील्ड के लिए रवाना किया।

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अभियान का लक्ष्य और समय सीमा
मुख्य पशुचिकित्साधिकारी ने जानकारी दी कि यह विशेष अभियान 22 जनवरी 2026 से शुरू होकर 10 मार्च 2026 तक निरंतर चलाया जाएगा। जनपद में कुल 3,16,794 गोवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस कार्य के लिए पशुधन प्रसार अधिकारी, मोबाइल वेटरनरी यूनिट (MVU) की टीम और पशु चिकित्सालय के मैत्री/पैरावेट कर्मियों को लगाया गया है। सभी टीमें कोल्ड चेन मेंटेन करते हुए वैक्सीन के साथ गांव-गांव पहुंचेंगी।

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इन पशुओं के लिए अनिवार्य है टीकाकरण
पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से अपील की है कि वे 4 माह से ऊपर के सभी गोवंशीय और महिषवंशीय पशुओं का टीकाकरण अवश्य करवाएं। हालांकि, विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जो पशु 8 माह या उससे अधिक के गर्भित (प्रेग्नेंट) हैं, उन्हें यह टीका नहीं लगाया जाएगा। टीकाकरण की यह सेवा पूरी तरह निशुल्क है, इसलिए पशुपालक किसी भी बहकावे में न आएं और अपने पशुओं को सुरक्षा कवच दिलाएं।

अधिकारियों ने किया जागरूक
शुभारंभ अवसर पर उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी सदर, खण्ड विकास अधिकारी सदर और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मुख्यालय के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि खुरपका-मुंहपका एक संक्रामक और घातक बीमारी है, जिससे पशुओं की कार्यक्षमता और दुग्ध उत्पादन पर बुरा असर पड़ता है। समय पर टीकाकरण ही इस बीमारी से बचने का एकमात्र उपाय है। विभाग ने सभी पशुपालकों से सहयोग की अपेक्षा की है ताकि जनपद का प्रत्येक पशु स्वस्थ और रोगमुक्त रहे।

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