चंदौली मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बढ़ने लगी है दुर्व्यवस्थाएं, पानी की किल्लत और दवाओं के अभाव से मरीज़ परेशान
चंदौली मेडिकल कॉलेज से संबद्ध पंडित कमलापति त्रिपाठी चिकित्सालय की बदहाली
बजट के अभाव में चरमराने लगी हैं सारी सुविधाएं
दवाओं के अभाव और पानी की किल्लत से मरीज़ों में भारी रोष
वाइस प्रिंसिपल ने माना असुविधाओं को दूर करने में हो रही है देरी
चंदौली जिले के बाबा कीनाराम स्वशासी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध पंडित कमलापति त्रिपाठी चिकित्सालय में दिन-प्रतिदिन अव्यवस्थाओं का अंबार बढ़ता जा रहा है। मरीजों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाएँ चरमराने लगी हैं, जिसके कारण दूर-दराज़ से आए मरीजों और उनके परिजनों में भारी रोष व्याप्त है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन की लापरवाही की वजह से न केवल मरीजों को निरंतर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि सरकार की निशुल्क चिकित्सकीय सुविधा प्रदान करने की योजना पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
दवाओं का अभाव और पानी की गंभीर समस्या
अस्पताल में दवाओं के अभाव की समस्या सबसे अधिक गंभीर रूप से सामने आई है। मरीजों का आरोप है कि निशुल्क दवाएँ उपलब्ध न होने के कारण उन्हें बाहर की महँगी मेडिकल दुकानों से दवाएँ खरीदनी पड़ रही हैं, जिससे गरीब मरीजों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। दवाओं के अलावा, सोमवार को अस्पताल परिसर में पानी की बड़ी समस्या ने स्थिति को और बिगाड़ दिया।

जानकारी के अनुसार, रात्रि 3 बजे से शाम तक पूरे परिसर में पानी की आपूर्ति बाधित रही। पीने, वॉशरूम और मरीजों की देखभाल के लिए पानी उपलब्ध न होने से अफरा-तफरी मच गई। हालात इतने खराब थे कि मरीजों को प्लास्टर करवाने जैसी आवश्यक प्रक्रिया के लिए भी बाहर से पानी खरीदकर लाना पड़ा।

प्रशासन ने मानीं समस्याएँ, दिया सुधार का आश्वासन
मामले को लेकर जब अस्पताल प्रशासन से सवाल किया गया, तो मेडिकल कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल डॉ. नैन्सी पारुल ने समस्याओं को स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि पानी की समस्या किसी ने जानबूझकर टंकी का चैम्बर खोल देने के कारण हुई थी, लेकिन इसे तत्काल ठीक कर दिया गया है और आपूर्ति सामान्य हो गई है। दवाओं की कमी पर उन्होंने माना कि बजट न होने के चलते अस्थायी दिक्कत आई थी, लेकिन प्राचार्य के हस्तक्षेप के बाद सोमवार शाम तक आवश्यक दवाओं की आपूर्ति पुनः शुरू कर दी गई है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही सभी व्यवस्थाएँ पूरी तरह दुरुस्त की जाएँगी, क्योंकि अस्पताल में अनेक व्यवस्थाएँ हाल ही में हस्तांतरित की गई हैं, जिसके कारण शुरुआती चुनौतियाँ सामने आ रही हैं। मरीजों ने चेतावनी दी है कि यदि स्थितियाँ जल्द नहीं सुधरीं तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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