चंदौली को मिलेगा नया टूरिज्म हब? सांसद वीरेंद्र सिंह ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से की बड़ी मांग
चंदौली के सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात की। उन्होंने जनपद के ऐतिहासिक, प्राकृतिक और आध्यात्मिक स्थलों को एकीकृत "चंदौली पर्यटन एवं आध्यात्मिक सर्किट" के रूप में विकसित करने की मांग की है।
"चंदौली पर्यटन एवं आध्यात्मिक सर्किट" की मांग
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को ज्ञापन
नौगढ़ किला और जलप्रपातों का विकास
स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार
धार्मिक व ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण
चंदौली लोकसभा क्षेत्र के समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात कर जिले के विकास के लिए एक अहम कदम उठाया है। उन्होंने दिनांक 11 अगस्त 2026 को केंद्रीय मंत्री को एक विस्तृत पत्र सौंपते हुए मांग रखी कि चंदौली जिले के तमाम ऐतिहासिक, प्राकृतिक और आध्यात्मिक स्थलों को एक साथ जोड़कर एकीकृत "चंदौली पर्यटन एवं आध्यात्मिक सर्किट" के रूप में विकसित किया जाए।

चंद्रकांता से जुड़े नौगढ़ किले से लेकर राजदरी-देवदरी का जिक्र
सांसद वीरेंद्र सिंह ने अपने ज्ञापन में जिले के प्रसिद्ध स्थलों का विशेष रूप से उल्लेख किया है। उन्होंने बाबू देवकीनंदन खत्री के मशहूर उपन्यास 'चंद्रकांता' से जुड़े नौगढ़ के किला, नौगढ़ बांध, राजगढ़ किला, और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर राजदरी तथा देवदरी जलप्रपात को इसमें शामिल करने की बात कही है। इसके अलावा अघोर परंपरा के प्रर्वतक बाबा कीनाराम की जन्मस्थली रामगढ़, गंगा तट पर स्थित बाबा त्रिदंडी स्वामी, जियर महाराज व खड़ेश्वरी महाराज की तपस्थलियां, बरठी स्थित बाबा कालेश्वरनाथ और बलुआ से महर्षि बाल्मीकि स्थल तक गंगा के पश्चिम वाहिनी प्रवाह क्षेत्र का भी जिक्र किया है, जहां हर साल पंचाहिनी मेला लगता है।

धानापुर के खड़ान स्थित सिद्ध पीठ धाम के विकास पर जोर
सांसद ने धानापुर विकासखंड के ग्राम सभा खड़ान स्थित सिद्ध पीठ धाम का भी जिक्र किया, जहां श्री श्री 1008 परमहंस बाबा प्रसन्न दास जी महाराज ने जीवित समाधि ली थी। उन्होंने कहा कि यह स्थल श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र है और इसमें धार्मिक व आध्यात्मिक पर्यटन के विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। सांसद ने याद दिलाया कि इससे पहले 27 जुलाई 2026 को लोकसभा में नियम 377 के तहत भी उन्होंने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।
रोजगार के नए अवसर और अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार
सांसद वीरेंद्र सिंह ने जोर देकर कहा कि अगर भारत सरकार इस प्रस्ताव को प्राथमिकता वाली पर्यटन परियोजनाओं में शामिल कर आवश्यक वित्तीय और प्रशासनिक मंजूरी देती है, तो इससे न सिर्फ सनातन संस्कृति और प्राचीन धरोहरों का संरक्षण होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के बड़े अवसर भी पैदा होंगे। इससे चंदौली की स्थानीय अर्थव्यवस्था को एक नई रफ्तार मिलेगी और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को एक ही यात्रा में सभी पवित्र स्थलों के दर्शन करने में सुगमता होगी।
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