संसद में गूंजा शराब की दुकानों का मुद्दा, सांसद बोले-दलितों को शराबी बनाकर मदहोश रखना चाहती है भाजपा

चंदौली में हो रहा है शराब की दुकानों का विरोध
दुकान के आवंटन का मुद्दा संसद में गूंजा
जानिए सपा सांसद ने किस तरह के भाजपा पर लगाए हैं आरोप
चंदौली के सपा सांसद वीरेंद्र सिंह लोकसभा में जनपद में शराब की दुकानों को लेकर हो रहे विरोध को लेकर आज भाजपा सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाये। साथ ही कहा कि जिले में कई जगहों पर शराब की दुकानों के विरोध की गूंज सुनाई देने लगी है। लेकिन सरकारी अधिकारी लोगों की फरियाद नहीं सुन रहे हैं।

सपा सांसद में भाजपा पर दलित बस्तियों में जान बूझकर शराब दुकान आवंटन कराकर शराब के बल पर वोट लेकर चुनाव जीतने पर जोर दे रही है। जनपद के मुगलसराय कोतवाली के काली मोहाल में महिलाओं एवं छात्रों द्वारा लगातार चार दिनों से नई शराब की दुकान को हटाने के लिए आंदोलन किया जा रहा है, लेकिन शराब की दुकान वहां जबरन खोली जा रही है।
आपको बता दें कि चंदौली में नई शराब दुकानों के आवंटन को लेकर लगातार लोगों का विरोध का सिलसिला जारी है, जिसको देखते हुए चंदौली के समाजवादी पार्टी के चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया है कि बीजेपी दलित बस्तियों में शराब की दुकान आवंटन करके उनको नशेड़ी बनाने का कार्य कर रही है, ताकि चुनाव के दौरान शराब पिलाकर उनका वोट ले सके।

चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह लोकसभा में बोलते हुए आरोप लगाते हुए यह भी कह दिया कि भाजपा पिछड़े तथा दलितों के आरक्षण पर कब्जा की हुई है। वैसे ही दलित बस्तियों में शराब की दुकान आवंटन करके उनको नशे का आदती बना रही है और चुनाव में वोट लेने के लिए इस तरह का कुचक्र रच रही है।
सपा सांसद ने मांग किया कि विशेष कर अनुसूचित जाति के बस्तियों से शराब की दुकानों को हटाया जाए। मुगलसराय के कालीमोहल में भी रावत बस्ती के समीप नई शराब की दुकान आवंटन होने के बाद लगातार महिलाओं एवं छात्रों का विरोध प्रदर्शन चल रहा है। यही नहीं पिछले महीने सदर कोतवाली के नसीरपुर गांव में भी महिलाओं ने शराब की दुकान में तोड़फोड़ करते हुए दुकान को बंद कराने का कार्य किया था। जनपद के अन्य जगहों में भी महिलाओं द्वारा शराब की दुकान को बीच बस्ती में खोले जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए धरना प्रदर्शन किया जा रहा है।
आखिर जिले के अधिकारी क्या कर रहे हैं। उनको लोगों की आवाज क्यों नहीं सुनायी दे रही है। अगर शराब से इलाके में परेशानी बढ़ रही है तो जबरन शराब की दुकान खोलने की जिद पर सरकारी अफसर क्यों अड़े हुये हैं।
चंदौली जिले की खबरों को सबसे पहले पढ़ने और जानने के लिए चंदौली समाचार के टेलीग्राम से जुड़े।*