चंदौली वोटर लिस्ट: SIR मैपिंग के बाद सूची जारी, 2.30 लाख लोग बाहर; कहीं वोटर लिस्ट से कट तो नहीं गया आपका नाम?
चंदौली जिले में एसआईआर मैपिंग के बाद नई वोटर लिस्ट का प्रकाशन कर दिया गया है। सूची से बाहर हुए 2.30 लाख मतदाताओं को नागरिकता सिद्ध करने के लिए एक महीने का समय मिला है। जानिए नाम जुड़वाने की पूरी प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज।
14.88 लाख में से 12.58 लाख मतदाताओं की सूची जारी
2,30,086 मतदाता वोटर लिस्ट से किए गए बाहर
नागरिकता और जन्मस्थान सिद्ध करने के लिए 13 विकल्प अनिवार्य
6 जनवरी से 6 फरवरी तक भरे जाएंगे फॉर्म 6 और 7
6 मार्च को होगा फाइनल वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन
वोटर लिस्ट में बड़ा फेरबदल: SIR मैपिंग के बाद 2.30 लाख लोग सूची से बाहर, नाम जुड़वाने के लिए दिखाने होंगे नागरिकता के सबूत
चंदौली जिले के निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार एसआईआर (SIR) मैपिंग के बाद जिले की नई मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार द्वारा जारी की गई इस सूची ने जिले में हड़कंप मचा दिया है। आंकड़ों के मुताबिक, जिले के कुल 14,88,821 मतदाताओं में से केवल 12,58,735 लोगों को ही वर्तमान सूची में स्थान मिला है, जबकि 2,30,086 मतदाताओं के नाम सूची से बाहर कर दिए गए हैं।

दावे और आपत्ति के लिए एक महीने की मोहलत
जिन मतदाताओं के नाम इस सूची में शामिल नहीं हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क होना अनिवार्य है। निर्वाचन आयोग ने ऐसे लोगों को अपने दावे और आपत्तियां प्रस्तुत करने के लिए एक महीने का समय दिया है। यह प्रक्रिया 6 जनवरी से शुरू होकर 6 फरवरी तक चलेगी। नया नाम जुड़वाने के लिए फार्म 6 और किसी नाम पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए फार्म 7 भरना होगा। इन दावों पर 27 फरवरी तक सुनवाई की जाएगी, जिसके बाद 6 मार्च को अंतिम वोटर लिस्ट का प्रकाशन होगा।
नागरिकता सिद्ध करने के लिए 13 विकल्पों का सहारा
इस बार निर्वाचन आयोग ने नियमों को काफी सख्त कर दिया है। सूची से छूटे हुए मतदाताओं को अपना नाम वापस जुड़वाने के लिए अपने जन्म स्थान और भारतीय नागरिकता को सिद्ध करना होगा। इसके लिए आयोग ने 13 विशेष विकल्पों (दस्तावेजों) की सूची जारी की है:--
सरकारी/अर्धसरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का पहचान पत्र।
01/07/1987 से पहले स्थानीय प्राधिकरण, बैंकों या LIC द्वारा जारी पहचान पत्र या अभिलेख।
सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र।
वैध पासपोर्ट।
मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय का मैट्रिकुलेशन या शैक्षणिक प्रमाण पत्र।
सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थाई निवास प्रमाण पत्र।
वन अधिकार प्रमाण पत्र।
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र (OBC/SC/ST)।
- राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) का साक्ष्य (जहाँ लागू हो)।
- राज्य या स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार रजिस्टर।
- सरकार द्वारा जारी भूमि या मकान आवंटन का प्रमाण पत्र।
- आधार कार्ड से संबंधित आयोग के विशेष निर्देश।
बिहार एसआईआर (SIR) की मतदाता सूची का अंश (01/07/2025 की संदर्भ तिथि के अनुसार)।
सर्वदलीय बैठक में जारी हुई सूची
वोटर लिस्ट के प्रकाशन के दौरान कलेक्ट्रेट में सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भाजपा के प्रतिनिधि ज्ञानेंद्र कुमार, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर, बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष घनश्याम प्रधान और कांग्रेस प्रतिनिधि के रूप में राकेश सिंह मौजूद रहे। सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को सूची की प्रतियां सौंपी गई हैं ताकि वे जमीनी स्तर पर मतदाताओं को जागरूक कर सकें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया के लिए एसआईआर मैपिंग अत्यंत आवश्यक थी। अब छूटे हुए नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने दस्तावेजों के साथ आवेदन करें ताकि उनके लोकतांत्रिक अधिकार सुरक्षित रह सकें।
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