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पुलिस की डायवर्जन योजना पूरी तरह से फेल, कार्तिक पूर्णिमा पर 4 घंटे तक जाम में फंसे रहे पड़ाव चौराहे के लोग

हर वर्ष की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालु वाराणसी में कार्तिक पूर्णिमा स्नान और देव दीपावली दर्शन के लिए पहुंचे, लेकिन इस बार वाहनों की संख्या सामान्य से कई गुना अधिक थी।
 

कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी

सुबह छह बजे से पड़ाव चौराहा हुआ जाम

चार घंटे तक फंसे रहे वाहन और यात्री

प्रशासन का डायवर्जन प्लान पूरी तरह फेल

कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान को जा रहे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने बुधवार की सुबह चंदौली जिले के सबसे व्यस्त पड़ाव चौराहे की व्यवस्था को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। सुबह छह बजे से शुरू हुआ जाम चार घंटे तक चला, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन द्वारा लागू किया गया यातायात डायवर्जन सुबह के समय पूरी तरह विफल साबित हुआ।

सुबह से ही चंदौली, गाजीपुर, सोनभद्र और बिहार के अलग-अलग हिस्सों से वाराणसी की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं का रेला सड़कों पर उमड़ पड़ा। वाहनों की लंबी कतारें पड़ाव चौराहे से लेकर राजघाट की ओर लग गईं। हर वर्ष की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालु वाराणसी में कार्तिक पूर्णिमा स्नान और देव दीपावली दर्शन के लिए पहुंचे, लेकिन इस बार वाहनों की संख्या सामान्य से कई गुना अधिक थी।

जाम की स्थिति इतनी गंभीर थी कि पुलिस को सुबह आठ बजे ही बड़े वाहनों को राजघाट की ओर जाने से रोकना पड़ा, जबकि प्रशासन की ओर से यह रोक 11 बजे से लागू करने का आदेश जारी हुआ था। बावजूद इसके, सड़कों पर वाहनों की भीड़ इतनी अधिक थी कि पूरी व्यवस्था चरमरा गई।

यातायात पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाई और वाहनों को वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ने की कोशिश की। हालांकि, बड़ी संख्या में वाहन पहले ही पहुंच चुके थे, जिन्हें डायवर्ट करना संभव नहीं हो सका। इस वजह से स्थिति और बिगड़ गई।

सुबह दस बजे तक जाम की स्थिति सबसे खराब रही। चौराहे पर बसों, ट्रकों, और निजी वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। स्थानीय दुकानदारों और यात्रियों को भी इस कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लगभग 10 बजे के बाद पुलिस और प्रशासन की सख्ती के बाद यातायात धीरे-धीरे सुचारू हुआ।

दोपहर तक स्थिति सामान्य होने लगी। यातायात प्रभारी सत्यप्रकाश यादव ने बताया कि सुबह श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ और वाहनों की असामान्य संख्या के कारण थोड़ी देर के लिए अव्यवस्था हुई थी। माइक के माध्यम से लोगों को लगातार जानकारी दी गई और वाहनों को वैकल्पिक मार्ग की ओर भेजा गया।

उन्होंने बताया कि चौराहे पर चार जगहों पर माइक लगाकर डायवर्जन से जुड़ी घोषणाएं की गईं ताकि लोग सही मार्ग से आगे बढ़ सकें। चेतावनी भी दी गई कि जो वाहन सड़क पर खड़े पाए जाएंगे, उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।

कार्तिक पूर्णिमा जैसे धार्मिक पर्वों पर वाराणसी जाने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या हमेशा से चंदौली के लिए चुनौती बनती रही है। प्रशासन हर बार डायवर्जन की योजना बनाता है, लेकिन इस बार भी भीड़ के सामने सारी योजनाएं धरी रह गईं।

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