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3 साल बाद मारपीट के मामले में 4 अभियुक्तों को मिली सजा और जुर्माना, 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान लाया रंग

उत्तर प्रदेश के 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत चंदौली पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। अलीनगर क्षेत्र के गंज ख्वाजा में मारपीट के दोषियों को पुलिस की वैज्ञानिक विवेचना और प्रभावी पैरवी के दम पर न्यायालय ने सजा सुनाई है।

 
 

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में पूरे प्रदेश में 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत चंदौली पुलिस ने अपनी वैज्ञानिक विवेचना, अचूक साक्ष्य संकलन और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के माध्यम से अपराधियों को सजा दिलाने के सिलसिले को जारी रखा है। इसी कड़ी में जनपद के अलीनगर थाना क्षेत्र से जुड़े एक पुराने मामले में माननीय न्यायालय ने चार अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।

क्या था पूरा मामला और कानूनी प्रक्रिया?
पूरा मामला 09 मार्च 2023 का है, जब थाना अलीनगर के अंतर्गत गंज ख्वाजा निवासी चार व्यक्तियों के विरुद्ध मारपीट और गाली-गलौज के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अभियुक्त फूलचन्द्र सोनकर, मूलचन्द सोनकर, दीपक सोनकर और छन्नू सोनकर के खिलाफ अपराध संख्या एनसीआर 34/2023 के तहत भारतीय दंड विधान (भादवि) की धारा 323 और 504 में मुकदमा पंजीकृत किया गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्यों को डिजिटल और वैज्ञानिक तरीके से संकलित किया ताकि दोषियों को बच निकलने का मौका न मिले।

प्रभावी पैरवी और माननीय न्यायालय का फैसला
न्यायालय में मामले की सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक श्री नितेश तिवारी (एपीओ) और थाना अलीनगर के पैरोकार कांस्टेबल संजीत ने अत्यंत प्रभावी ढंग से गवाहों और साक्ष्यों को प्रस्तुत किया। चंदौली पुलिस और अभियोजन टीम के बीच इसी बेहतर समन्वय का परिणाम रहा कि दिनांक 02 जनवरी 2026 को माननीय न्यायालय पीठासीन अधिकारी/न्यायिक मजिस्ट्रेट ने चारों अभियुक्तों को अपराध का दोषी पाया। पुलिस की चार्जशीट और गवाहों के बयानों के आधार पर कोर्ट ने त्वरित न्याय सुनिश्चित किया।

सजा और अर्थदंड का विवरण
न्यायालय ने अपने फैसले में चारों अभियुक्तों—फूलचन्द्र, मूलचन्द, दीपक और छन्नू—को 'न्यायालय उठने तक' की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 2000-2000 रुपये का अर्थदंड भी आरोपित किया गया। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि दोषी अर्थदंड की राशि जमा करने में विफल रहते हैं, तो उन्हें 03 दिवस का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह फैसला समाज में अपराधियों के बीच पुलिस और कानून का खौफ पैदा करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

पुलिस अधीक्षक ने थपथपाई टीम की पीठ
'ऑपरेशन कन्विक्शन' की इस सफलता पर पुलिस अधीक्षक ने पैरवी टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस का लक्ष्य न केवल अपराधी को गिरफ्तार करना है, बल्कि उसे कानूनी रूप से सजा दिलवाकर पीड़ित को न्याय दिलाना भी है। चंदौली जनपद के सभी थानों में इसी प्रकार वैज्ञानिक विवेचना और त्वरित ट्रायल पर जोर दिया जा रहा है, ताकि आने वाले समय में अपराध मुक्त वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

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