जिले के पुराने स्कूलों का होगा कायाकल्प: 'प्रोजेक्ट अलंकार' से बदल जाएगी कई कॉलेजों की सूरत
चंदौली के राजकीय और अनुदानित इंटर कॉलेजों में अब कॉन्वेंट स्कूलों जैसी सुविधाएं मिलेंगी। प्रोजेक्ट अलंकार के तहत स्मार्ट क्लास, प्रोजेक्टर और नई लैब के लिए एक दर्जन स्कूलों का प्रस्ताव तैयार कर कायाकल्प की तैयारी शुरू कर दी गई है।
स्कूलों के कायाकल्प को मिला भारी बजट
स्मार्ट क्लास और आधुनिक लैब की सुविधा
75% सरकार और 25% प्रबंधन देगा फंड
एक दर्जन इंटर कॉलेजों का हुआ चयन
तहसील स्तरीय कमेटी को भेजे गए प्रस्ताव
चंदौली जिले में उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले राजकीय और सहायता प्राप्त (अनुदानित) इंटर कॉलेजों के साथ साथ अन्य बोर्ड से चलने वाले पुरान स्कूलों के दिन अब बहुरने वाले हैं। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'प्रोजेक्ट अलंकार योजना' के तहत जिले के एक दर्जन से अधिक विद्यालयों की सूरत बदलने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पुराने और जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत करना और वहां आधुनिक डिजिटल सुविधाएं विकसित करना है, ताकि सरकारी स्कूलों के छात्र भी कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर अत्याधुनिक संसाधनों के साथ शिक्षा ग्रहण कर सकें।
लाखों के बजट से संवरेगा छात्रों का भविष्य
जिले के चिह्नित विद्यालयों के कायाकल्प के लिए भारी-भरकम बजट का प्रावधान किया गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रत्येक चयनित स्कूल पर 50 से 65 लाख रुपये तक खर्च किए जाने की योजना है। इस धनराशि का उपयोग न केवल जर्जर भवनों के पुनरुद्धार के लिए होगा, बल्कि स्कूलों में अत्याधुनिक प्रयोगशाला (Lab), सुसज्जित पुस्तकालय और शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को भी सुधारा जाएगा।
फंडिंग का स्वरूप: सरकार और प्रबंधन की साझेदारी
प्रोजेक्ट अलंकार योजना की खास बात यह है कि इसमें शासन के साथ विद्यालय प्रबंधन भी वित्तीय सहयोग करेगा। अनुदानित स्कूलों के मामले में, योजना के कुल प्रस्ताव का 75 प्रतिशत हिस्सा सरकार वहन करेगी, जबकि शेष 25 प्रतिशत धनराशि स्कूल प्रबंधन को देनी होगी। इस संयुक्त प्रयास से स्कूलों में खेल के मैदान, प्रोजेक्टर और हाई-टेक लैब का निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा।
स्मार्ट क्लास और प्रोजेक्टर का दिखेगा जलवा
योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा शिक्षा का डिजिटलीकरण है। इसके तहत स्कूलों में स्मार्ट क्लास स्थापित की जाएंगी। यहां प्रोजेक्टर और ऑडियो-विजुअल टूल्स के माध्यम से बच्चों को कठिन विषय आसानी से समझाए जाएंगे। महेंद्र टेक्निकल इंटर कॉलेज और नेशनल इंटर कॉलेज सैयदराजा में इस योजना के तहत कार्य शुरू भी हो चुका है, जहां अत्याधुनिक कक्षाओं का निर्माण अपने अंतिम चरण में है।
इन स्कूलों के भेजे गए प्रस्ताव
शिक्षा विभाग ने जिले के कई प्रमुख स्कूलों को इस योजना से जोड़ने के लिए प्रस्ताव तहसील स्तरीय कमेटी और शासन को भेजे हैं। इसमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:---
- सकलडीहा इंटर कॉलेज और आदर्श जनता इंटर कालेज चतुरीपुरी।
- मोदी नगर इंटर कालेज (पीडीडीयू नगर)।
- जिला पंचायत इंटर कॉलेज (चकिया और चंदौली) व अमर बीर इंटर कालेज।
- अशोक इंटर कालेज बबुरी और अमर शहीद इंटर कॉलेज (बालक व बालिका) का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है।
- श्री दुर्गा संस्कृत पाठशाला छत्रपुरा कल्यानपुर सैयदराजा का भी प्रस्ताव शासन में स्वीकृत होने के लिए पेंडिंग है।
जिला विद्यालय निरीक्षक का है दावा
चंदौली के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रोजेक्ट अलंकार योजना माध्यमिक विद्यालयों की तस्वीर बदलने वाली है। उन्होंने कहा कि जिले के एक दर्जन स्कूलों का प्रस्ताव तैयार है और दो विद्यालयों में काम भी शुरू करा दिया गया है। इस योजना का लक्ष्य विद्यार्थियों को बेहतर संसाधन और आधुनिक शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना है।
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