हर डेढ़ दिन पर जा रही एक जान; चंदौली के इन दो थाना क्षेत्रों में सबसे ज्यादा रोड एक्सीडेंट, पढ़ें हैरान करने वाली रिपोर्ट
चंदौली जिले में तेज रफ्तार और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी मासूम लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रही है। पिछले 16 दिनों में हुए भयानक सड़क हादसों ने कई परिवारों को उजाड़ दिया। जानिए कौन से इलाके बन चुके हैं 'डेंजर जोन'।
एक जून से 16 जून के बीच 6 थाना क्षेत्रों में हुए 11 सड़क हादसे
दूसरों की लापरवाही के कारण 10 बेकसूर लोगों ने गंवाई अपनी जान
सदर कोतवाली और अलीनगर थाना क्षेत्र सबसे बड़े डेंजर जोन बने
चंदौली जिले में औसतन हर डेढ़ दिन पर एक व्यक्ति की मौत
चंदौली जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस और परिवहन विभाग भले ही लगातार जागरूकता अभियान चला रहा हो, लेकिन वाहन चालकों की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। तेज रफ्तार, गलत दिशा (रॉन्ग साइड) में गाड़ी चलाना, ओवरटेक करने की अंधी होड़ और यातायात नियमों की सरेआम अनदेखी के कारण पिछले 16 दिनों में 10 निर्दोष लोगों की जान चली गई है।
पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, एक जून से 16 जून के बीच जिले के छह अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कुल 11 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इन दर्दनाक हादसों ने कई हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। इन घटनाओं में सबसे दुखद बात यह रही कि जान गंवाने वाले अधिकांश लोगों की खुद की कोई गलती नहीं थी, बल्कि वे दूसरों की लापरवाही का शिकार होकर असमय मौत के मुंह में समा गए।

हादसों का थानावार आंकड़ा: ये इलाके बने 'ब्लैक स्पॉट'
जिले में पिछले 16 दिनों के भीतर हुई 10 मौतों में से छह मौतें अकेले सदर कोतवाली और अलीनगर थाना क्षेत्रों में दर्ज की गई हैं। इन दोनों ही इलाकों में तीन-तीन लोगों की जान गई है, जो यह दर्शाता है कि इन क्षेत्रों में यातायात प्रबंधन और पुलिस निगरानी बढ़ाने की सख्त जरूरत है।
इसके अलावा, सकलडीहा थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं शाहबगंज, मुगलसराय और बलुआ थाना क्षेत्रों में भी सड़क दुर्घटनाओं के कारण एक-एक व्यक्ति की जान चली गई है। हाइवे और मुख्य मार्गों पर लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव के बीच वाहन चालक सुरक्षा मानकों को पूरी तरह नजरअंदाज कर रहे हैं।

इन तीन दर्दनाक मामलों ने सबको झकझोर दिया
केस 1: अलीनगर थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव की रहने वाली सोनी देवी (40 वर्ष) पचफेड़वा बाजार से सब्जी खरीदकर अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
केस 2: मिर्जापुर जिले के जिगना थाना क्षेत्र के गौरा गांव निवासी हरिशंकर दुबे (45 वर्ष) बिहार से ट्रक पर बालू लादकर वाराणसी की तरफ जा रहे थे। तभी रेवसां गांव के पास आगे चल रहे एक ट्रक चालक ने अचानक इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया। इससे हरिशंकर का ट्रक आगे वाले ट्रक से बुरी तरह टकरा गया और इस हादसे में उनकी जान चली गई।
केस 3: सकलडीहा-अलीनगर तिराहे पर वाहन मोड़ते समय एक बेकाबू ट्रक ने बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। बाइक पर पीछे बैठी रुचि कुमारी नाम की लड़की ट्रक के पहिए के नीचे आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक चला रहा उसका भाई बाल-बाल बच गया।
हर डेढ़ दिन पर हो रही एक मौत
चंदौली जिले में सड़क हादसों की यह स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है, जहाँ औसतन हर डेढ़ दिन पर एक व्यक्ति सड़क हादसे में अपनी जान गंवा रहा है। स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि अगर भारी वाहनों की तेज रफ्तार और शहर के भीतर चालकों की लापरवाही पर तुरंत अंकुश नहीं लगाया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी ज्यादा गंभीर हो सकती है।
इस पूरे मामले पर चंदौली के क्षेत्राधिकारी (CO) यातायात कृष्णमुरारी शर्मा ने बताया कि वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन कराने के लिए समय-समय पर जागरूक किया जाता है। इसके साथ ही नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त चालान की कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने जनता से अपील की है कि सड़क पर वाहन चलाते समय बरती गई थोड़ी सी भी लापरवाही किसी की जान ले सकती है, इसलिए सभी अनिवार्य रूप से हेलमेट, सीटबेल्ट और गति सीमा के नियमों का पालन करें।
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